प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी TGT भर्ती की पात्रता में बड़ा बदलाव किए जाने की तैयारी है। सामने आई जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग TGT भर्ती के नियमों में संशोधन करने जा रहा है। प्रस्ताव के तहत कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य किया जा सकता है।
यह बदलाव खासतौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो आगामी UP TGT Teacher Recruitment की तैयारी कर रहे हैं।

महत्वपूर्ण: यह जानकारी उपलब्ध समाचार रिपोर्ट/प्रस्ताव पर आधारित है। अंतिम पात्रता नियम सरकार की अधिसूचना या भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट माने जाएंगे।
UP TGT भर्ती में क्या बदलाव होगा?
मौजूदा व्यवस्था में TGT शिक्षकों को माध्यमिक स्तर की कक्षाओं में पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जाता है। लेकिन कई विद्यालयों में TGT शिक्षक कक्षा 6 से 10 तक शिक्षण कार्य करते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए TGT भर्ती में Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर न्यायालय में भी सवाल उठ चुके हैं कि यदि शिक्षक कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाते हैं तो उनके लिए TET की पात्रता क्यों न लागू हो।
प्रस्तावित बदलाव एक नजर में
| बिंदु | प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| भर्ती | प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) |
| शिक्षण कक्षा | कक्षा 6 से 10 तक |
| TET | अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव |
| स्नातक | न्यूनतम 50% अंक |
| परास्नातक | न्यूनतम 45% अंक वाले अभ्यर्थियों को शामिल करने का प्रस्ताव |
| चयन | संशोधित नियमों के अनुसार |
| आधिकारिक स्थिति | अंतिम शासनादेश/भर्ती विज्ञापन का इंतजार |
स्नातक और परास्नातक अभ्यर्थियों के लिए क्या नियम होंगे?
समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार प्रस्तावित पात्रता में स्नातक में 50 प्रतिशत अंक तथा परास्नातक में 45 प्रतिशत अंक की व्यवस्था शामिल की जा सकती है।
इसका अर्थ है कि यदि किसी अभ्यर्थी के स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक हैं, लेकिन परास्नातक में 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हैं, तो प्रस्तावित नियम के अनुसार उसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, अंतिम पात्रता विषय, वर्ग और भर्ती विज्ञापन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही अपनी पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
TET अनिवार्य करने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
इस बदलाव के पीछे मुख्य तर्क यह है कि कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET की पात्रता महत्वपूर्ण है। हाल की न्यायिक कार्यवाही में भी यह मुद्दा उठा कि उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों की पात्रता किस प्रकार निर्धारित की जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद TGT/LT Grade भर्ती में TET को लेकर चर्चा और तेज हुई है।
किन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा असर?
यदि प्रस्ताव लागू होता है तो इसका सीधा असर UP TGT भर्ती की तैयारी कर रहे नए अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।
खास तौर पर:
- TGT भर्ती में आवेदन करने वाले नए अभ्यर्थियों को TET पास करना पड़ सकता है।
- कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले TGT शिक्षकों के लिए TET की पात्रता महत्वपूर्ण होगी।
- स्नातक/परास्नातक अंकों की शर्तों में बदलाव लागू हो सकता है।
- आगामी भर्ती का विज्ञापन संशोधित नियमों के आधार पर जारी किया जा सकता है।
- पहले से कार्यरत शिक्षकों और नई भर्ती के अभ्यर्थियों के नियम अलग हो सकते हैं।
क्या अभी TGT भर्ती के लिए TET अनिवार्य हो गया है?
अभी इसे अंतिम भर्ती नियम नहीं माना जाना चाहिए।
उपलब्ध खबर में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गई है। अंतिम स्थिति संबंधित शासनादेश और भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर चल रही जानकारी के बजाय आधिकारिक भर्ती अधिसूचना को अंतिम मानना चाहिए।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप UP TGT Recruitment 2026 की तैयारी कर रहे हैं तो अभी से TET की तैयारी करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण है जो कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाली शिक्षक भर्ती में भी अवसर चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश में UPTET से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं परीक्षा नियामक प्राधिकारी/UP DElEd की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती हैं।
निष्कर्ष
UP TGT भर्ती में TET अनिवार्य करने का प्रस्ताव शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रस्ताव के अनुसार कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने वाले TGT शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य किया जा सकता है।
हालांकि, अभी अभ्यर्थियों को अंतिम नियमों के लिए सरकारी शासनादेश और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना चाहिए।