Rise and Fall of Maratha Empire PDF UPSC [*मराठा शासन *] | Indian History for UPSC PDF

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Maratha Empire-Indian History For UPSC PDF Download करें- प्रिय पाठकों – जैसा कि आप लोग जानते है कि भारतीय इतिहास में मराठा साम्राज्य-Maratha Empire प्रतियोगी परीक्षा की के द्रष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है  आज Sarkari Naukri Help टीम  ने प्रतियोगी छात्रों के लिए History Notes For UPSC-IAS PDF  से संबन्धित श्रंखला में Maratha Empire PDF  शेयर कर रहा है. इतिहास एक ऐसा विषय है जो अतीत की घटनाओं के तथ्य और दृष्टिकोण देता है। इसके दिए में परिसर, इसमें कई तरह की भौगोलिक परिस्थितियां और मानव विषय शामिल हैं बस्तियाँ, समाज और संस्कृतियाँ; शासन और प्रशासनिक प्रणाली का प्रकार; व्यापार और आर्थिक नीति; अंतरराज्यीय रिश्ते; के समय सीमा में युद्ध और लड़ाई आदि प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक। इसलिए, इतिहास अतीत को जानने और उसके अनुसार भविष्य को डिजाइन करने के लिए सामाजिक विज्ञान के आवश्यक विषयों में से एक है।

यह लेख मे मराठा शासन के उदय एवं पतन से संबधित है जो कि अलग-अलग अध्यायों में विभाजित है और एक निश्चित समय सीमा में ऐतिहासिक तथ्यों की अवधारणा को बताता है। मराठा साम्राज्य का महत्व जो भारत के लिए बहुत आदर्श है। मराठा साम्राज्य की स्थापना छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके महान सैनिकों ने की थी। मराठा साम्राज्य को हिंदवी स्वराज्य के रूप में भी जाना जाता है जिसका अर्थ है लोगों का साम्राज्य। शिवाजी महाराज महान नेता थे क्योंकि उनकी दुनिया में समय प्रबंधन के लिए उदाहरण हैं के बारें में व्याख्या के साथ पढंने को मिलेगा।

यह Indian History for UPSC PDF  पूरी तरह से एनसीईआरटी हिस्ट्री ओल्ड एडिशन (कक्षा 8 वीं से 12 वीं) पर आधारित है; सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं, अवधारणाओं और तथ्यों को सावधानीपूर्वक फ़िल्टर किया जाता है; इसलिए, मूल इतिहास का पूर्व ज्ञान या फिर एनसीईआरटी इतिहास की किताबें पढ़ने का अनुभव होना विषयों को समझने के लिए आवश्यक है। आप History Notes For UPSC-IAS – Maratha Empire PDF नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर सकते है

मराठा साम्राज्य उन कुछ साम्राज्यों में से एक था, जिन्होंने मुगलों और अंग्रेजों के खिलाफ निडर होकर लड़ाई लड़ी। यह वर्षों में विस्तारित हुआ और 1664 से 1819 तक अस्तित्व में रहा। छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित, मराठा योद्धा हिंदवी विचारधारा के लिए खड़े थे। शिवाजी ने शक्तिशाली मुगल सम्राट औरंगजेब के खिलाफ लड़ाई लड़ी और इस्लामिक आक्रमणों को सीमित किया।

मराठों की शक्ति को सर्वप्रथम पहचानने वाला व्यक्ति अहमद नगर का प्रमुख मलिक अम्बर था। उसने मुगलों के विरूद्ध युद्ध में मराठों को अपनी सेना में शामिल कर उनका उपयोग किया। प्रथम मुगल शासक जिसने मराठों को उमरावर्ग में शामिल किया जहाँगीर था। उसी के काल में मराठों को महत्ता मिली।

परन्तु शाहजहाँ के काल से मराठों एवं मुगलों के बीच सम्बन्ध बिगड़ने लगे और उनमें संघर्ष प्रारम्भ हो गया। औरंगजेब के काल में यद्यपि हिन्दू सरदारों की संख्या सर्वाधिक थी और उसमें भी मराठों का प्रतिशत सबसे अधिक था फिर भी शिवा जी को एक अलग मराठा राज्य का निर्माण करने में सफलता मिली।

मराठो से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य [ Important Facts about Maratha Empire ]
  • मराठा राज्य का उत्कर्ष शिवाजी के नेतृत्व में सातवीं शताब्दी में हुआ। इसी समय मुगल साम्राज्य के विघटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई।
  • मुगलों के पतन के समय स्थापित स्वतंत्र राज्यों में मराठा राज्य सर्वाधिक शक्तिशाली था।
  • मुगलों द्वारा अहमदनगर का विलय मराठों के उदय का तात्कालिक राजनीतिक कारण था।
  • ग्रांड डफ के अनुसार 17 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठों का उदय आकस्मिक अग्निकांड की भांति हुआ।
  • शिवाजी के उदय से पूर्व मराठे बहमनी राज्य उसके उत्तराधिकारी राज्य बीजापुर में अहमदनगर में सैनिक व प्रशासनिक पदों पर कार्य करते थे।
  • जहांगीर ने सर्वप्रथम मराठों का महत्व जानकर उन्हें मुगल सेना में रखा।
  • अहमदनगर के मलिक अंबर ने युद्ध व प्रशासन दोनों में मराठा प्रतिभा का उपयोग किया।
  • शिवाजी के पिता जी शाहाजी भोसले पहले अहमदनगर की सेवा में थे। बाद में बीजापुर की सेवा में चले गए, जहां उन्हें कर्नाटक क्षेत्र से बड़ी जागीर प्राप्त की।
  • गुरु रामदास ने मुगलों के विरुद्ध मराठों में राजनीतिक चेतना जागृत कि वह इसे शिवाजी के नेतृत्व प्रदान किया।
  • महाराष्ट्र की भौगोलिक स्थिति भी मराठों के उत्थान में सहायक रही।
  • शिवाजी ने हिंदू पादशाही अंगीकार की, गाय व ब्राह्मण की रक्षा का व्रत लिया और हिंदू धर्मोद्धारक की पदवी धारण की।
  • संत तुकाराम से शिवाजी प्रभावित थे। तुकाराम शिवाजी के समकालीन थे। उन्होंने शिवाजी द्वारा दिए गए उपहारों को लेने से मना कर दिया था।
  • शिवाजी के पिता जी के पूर्वज मेवाड़ के सिसोदिया वंश से संबंधित थे तथा माता जीजाबाई देवगिरि के यादव वंश के लाखो जी जाधव की पुत्री थी।
  • तृतीय पानीपत युद्ध में मराठों का मुस्लिम जरनल- इब्राहीम गार्दी
  • “वह खेमों में ही जिया और खेमों ही मर गया” बाजीराव प्रथम
  • मराठा सम्राज्य का नाम- महरट्टा/महरहट्टी
  • अष्ट प्रधान का गठन किया- शिवाजी
  • अष्ट प्रधान का विघटन –शम्भाजी
  • मराठा सम्राज्य का उदय और अस्त,लेखक- आर.वी.नाडकर्णी
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