UPSC – sarkarinaukrihelp.com https://sarkarinaukrihelp.com Sarkari Naukri Help Mon, 19 Aug 2019 17:00:16 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=5.2.2 Chemical Bonding Notes PDF: 500+ Chemical Bonding के महत्वपूर्ण प्रश्न https://sarkarinaukrihelp.com/chemical-bonding-notes-pdf/ https://sarkarinaukrihelp.com/chemical-bonding-notes-pdf/#respond Mon, 19 Aug 2019 16:47:56 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=3636 Chemical Bonding Notes PDFChemistry GK – Chemical Bonding Notes PDF  हिन्दी में – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सभी छात्रों के लिए Chemistry GK  के महत्वपूर्ण टापिकChemical Bonding सेसंबन्धितChemical Bonding Questions in Hindi लेकर आये है। रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक रासायनिक बंधन (Chemical Bond) से संबंधित जानकारी दी गयी है, जो अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं […]]]> Chemical Bonding Notes PDF

Chemistry GK – Chemical Bonding Notes PDF  हिन्दी में – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सभी छात्रों के लिए Chemistry GK  के महत्वपूर्ण टापिकChemical Bonding सेसंबन्धितChemical Bonding Questions in Hindi लेकर आये है। रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण टॉपिक रासायनिक बंधन (Chemical Bond) से संबंधित जानकारी दी गयी है, जो अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते है। यह लेख एसएससी(SSC), यूपीएससी(UPSC), राज्य पीएससी(State PSC), रेलवे(Railway), पीएसयू(PSU) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

इस लेख में Chemical Bonding  से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी प्रश्न जो कि किसी भी एक दिवसीय में पूछे जा चुके है। ये One liner Chemical Bonding Questions and answers in Hindi for Competitive Examination आप सब छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इस Chemical Bonding Notes PDF को आप नीचे दिये गये डाउनलोड लिंक से डाउनलोड कर सकते है।

Chemical Bonds – रासायनिक बन्ध

रासायनिक बंधन अणुओं को एक साथ रखते हैं और अस्थायी कनेक्शन बनाते हैं जो जीवन के लिए आवश्यक हैं। सहसंयोजक, आयनिक और हाइड्रोजन बांड और लंदन फैलाव बलों सहित रासायनिक बांडों के प्रकार।

Chemical Bonding Questions and answers

  • संयोजकता शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के किस शब्द से हुई है→ Valentia
  • वैलेन्टिया शब्द का क्या अर्थ है →  क्षमता
  • संयोजकता के इलेक्ट्रॉनिक सिद्धान्त को अन्य किस नाम से जानते हैं →  अष्टक नियम
  • इलेक्ट्रॉनों के पुनर्वितरण के फलस्वरूप बने बंधन को क्या कहते हैं→ परमाणु-बंधन (Atomic Bond)
  • परमाणु बंधन कितने प्रकार के होते हैं → विद्युत संयोजी बंधन, सहसंयोजी बंधन, उपसहसंयोजी बंधन
  • जब बंध का निर्माण इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के द्वारा होता है तो उसे क्या कहते हैं → विद्युत संयोजी बंध (Electrovalent Bond)

  • वैद्यत संयोजक बंध को अन्य किस नाम से जानते हैं → आयनिक बंध
  • किसी रवे (Crystal) के आयनों को एक-दूसरे से अनन्त दूरी तक अलग करने के लिए आवश्यक ऊर्जा को क्या कहते हैं →  जालक ऊर्जा
  • जब दो सदृश या असदृश परमाणु अपनी बाहातम कक्षा के इलेक्ट्रॉनों का आपस में साझा करके संयोग करते हैं, तब उनके बीच स्थित बंध को क्या कहते हैं →  सहसंयोजक बंध (Covalent Bond)
  • सहसंयोजी बंधन किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित करते हैं→  त्रिविम समावयवता (Stereo Isomerism)
  • सह-संयोजक बंध के कुछ दूसरे रोचक गुणों को बताने के लिए कौन-सा अच्छा उदाहरण है →  जल
  • सहसंयोजी यौगिकों का द्रवणांक एवं क्वथनांक किस प्रकार का होता है→  निम्न

  • जब दो परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता के बीच काफी अंतर हो, तब उनके बीच बंधन कैसा होगा →  आयनिक
  • जब दो परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता के बीच कम अंतर हो, तब बंधन कैसा होगा→ ध्रुवीय सहसंयोजक
  • जब दो परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता के बीच अंतर शून्य के बराबर हो, तब कैसा बंधन बनेगा→  सहसंयोजी बंधन
  • ऐसा बंध जो दो परमाणुओं के बीच एक इलेक्ट्रॉन जोड़ी की साझेदारी से बनता है, किन्तु साझेदारी की इलेक्ट्रॉन जोड़ी सिर्फ एक ही परमाणु द्वारा प्रदत्त होती है, क्या कहलाता है →  उपसहसंयोजी बंधन (Co-ordinate Bond)

  • उपसहसंयोजी बंधन में जो परमाणु इलेक्ट्रॉन जोड़ी प्रदान करता है, उसे क्या कहते हैं→ प्रदाता (Donor)
  • उपसहसंयोजी बंधन में जो परमाणु इलेक्ट्रॉन जोड़ी को स्वीकार करता है, उसे क्या कहते हैं→  ग्रहता (Acceptor)
  • H, F, N या O के संयोग से बने यौगिक कैसे होते हैं →  ध्रुवीय
  • बंधन ऊर्जा का क्रम क्या है →  एकल बंध< द्विबंध< त्रिबंध
  • बंध दूरी का क्रम क्या है → एकल बंध> द्विबंध> त्रिबंध
  • बंधों की क्रियाशीलता का क्रम क्या है → एकल बंध< द्विबंध< त्रिबंध
  • हाइड्रोजन बंधन किन यौगिकों में पाया जाता है →  फ्लोरीन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के यौगिकों में

  • जब दो परमाणुओं के ऑर्बिटल एक-दूसरे से एक रैखिक अक्ष पर अति व्यापन करते हैं, तब दोनों परमाणुओं के बीच बने बंधन को क्या कहते हैं→  सिग्मा बंधन
  • जब दो परमाणविक ऑर्बिटलों का पार्श्व अतिव्यापन होता है, तो इससे निर्मित बंधन को क्या कहते हैं → पाई बंधन (π-bond)
  • sp संकरण किस प्रकार का होता है →  रेखीय आकृति का
  • sp2 संकरण किस प्रकार का होता है→  त्रिकोणी आकृति का
  • sp3 संकरण किस प्रकार का होता है →  त्रिकोणीय पिरामिडी आकृति का
  • sp3 d संकरण किस प्रकार का होता है → त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय आकृति का

  • sp3 d2 संकरण किस प्रकार का होता है→  अष्टफलकीय आकृति का
  • sp3 d3 संकरण किस प्रकार का होता है → पंचभुजीय द्विपिरामिडी आकृति का
  • संयोजकता का इलेक्ट्रॉनिक सिद्धांत किसने दिया →  कौसल व जी.एन. लुइस ने
  • संयोजकता शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया – फ्रैकलैंड
  • किसी परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने पर उस पर कौन-सा आवेग होगा → 1 इकाई धन आवेश
  • किसी परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर उस पर कौन-सा आवेग होगा →  -1 इकाई ऋण आवेश
  • NaCl में कौन-सा बंध है →  विद्युत संयोजक बंध
  • किसमें सहसंयोजक व आयनिक बंध होते हैं →  NaOH
  • नाइट्रोजन अणु में कौन-सा बंध होता है→  त्रिक बंध
  • ओस्टवाल्ड विधि द्वारा नाइट्रिक अम्ल बनाने में उत्प्रेरक का कार्य कौन करता है →  Pt (प्लेटिनम)

  • पॉलीथीन या पॉलीएथिलीन के अणुओं को क्या कहते हैं → बहुलक
  • बहुलक के उदाहरण कौन-से हैं→  नायलॉन, पॉलिएस्टर, निओप्रीन
  • हीलियम गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है →  2
  • नियॉन गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है →  10
  • आर्गन गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है →  18
  • क्रिप्टॉन गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या हैं→ 36
  • जीनॉन गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है→  54
  • रेडॉन गैस के इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है →  86

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Chemistry General Knowledge GK हिन्दी में – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सभी छात्रों के लिए Science GK in Hindi Objective  सेसंबन्धित 1000+ Chemistry GK in Hindi लेकर आये है।इस लेख में रसायन विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी तथ्य जो कि किसी भी एक दिवसीय में पूछे जा चुके है। जीके हर सरकारी परीक्षा में एक महत्वपूर्ण खंड है लेकिन यह याद रखना बहुत कठिन है। यह आपको न सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईएएस, पीएससी, एसएससी, रेलवे आदि में मददगार साबित होगा बल्कि शैक्षणिक परीक्षाओं में भी सहयोगी होगा। ये One liner Chemistry General knowledge Questions and answers in Hindi for Competitive Examination आप सब छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

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1000+ रसायन विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी तथ्य – Science GK in Hindi

  • पानी आयनिक लवण का सुविलायक है क्योकि उसका द्विध्रुव आघुर्ण अधिक है।
  • एक्स रे की खोज डब्ल्यू के रोन्टजन ने की थी ।
  • माणिक्य तथा कोरन्डम एल्यूमिनियम के अयस्क होते है।
  • बालू सिलिकन का अयस्क होता है।
  • संगमरमर कैल्सियम से प्राप्त होता है।
  • टाइटेनियम डाईआॅक्साइड का प्रयोग सफेद पेंट बनाने के लिए किया जाता है।
  • सोडियम सिलिकेट का प्रयोग शीशा बनाने में किया जाता है।
  • पोटेशियम सल्फेट का प्रयोग क्रत्रिम उर्वरक बनाने मे किया जाता है।

  • पैटंोलियम परिशोधन के पश्चात पैराफिन प्राप्त होता है। जिसे व्यापारिक वैसलीन भी कहा जाता है।
  • हाइडंोकार्बन का प्राकृतिक स्त्रोत कच्चा तेल हैै।
  • तडि.चालक लोहे से निर्मित होते है।
  • रम नामक शराब शीरा से बनायी जाती है।
  • कैप्सूल का आवरण स्टार्च का बना होता है।
  • सिरका एसिटिक अम्ल का जलीय विलयन है ।
  • सोडियम क्लोराइड लवणो का सागरीय जल की लवणता में अधिकतम योगदान होता है ।
  • लैक्टिक अम्ल, दूध में पाया जाता है।
  • साइटिंक अम्ल , नीबू मंे पाया जाता है।
  • ब्यूटाइरिक अम्ल, खराब मक्खन में पाया जाता है।

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  • जल में अमोनिया आसानी से घुल जाता है।
  • भारी जल एक प्रकार का मन्दक है।
  • कठोर जल साबून से कपडे धोने और बाॅयलर्स में प्रयोग के लिये उपयुक्त नही होता है।
  • फोटोग्राफी रंगीन फोटो फिल्म को साफ करने में आक्जैलिक अम्ल प्रयोग किया जाता है।
  • पानी का भारीपन सोडियम और मैग्निशियम के सिलिकेटो के कारण होता है।
  • लहसुन और प्याज में आने वाली तीक्ष्ण गन्ध उनमे पौटेशियम की उपस्थिति के कारण आती है।
  • ब्लीचिंग पाउडर में क्लोरीन तथा हाइपो में सोडियम होता है।

  • लोहे के साथ क्रोमियम मिलाने पर उसमें उच्चताप का प्रतिरोध करने की क्षमता और उच्च कठोरता एवं अपघर्षण प्रतिरोधकता आ जाती है।
  • पैटंोल इंजन में अपस्फोटन या नोदन को कम करने के लिए पैटंोल में टैटंा एथिल लेड को मिलाया जाता है।
  • प्राकृतिक रबड आइसोप्रीन का बहुलक है। प्राकृतिक रबड लैटेक्स दूध के रूप में पेडों से निकाली जाती है।
  • स्टेनलेस स्टील बनाने के लिए निकिल और क्रोमियम को प्रयोग किया जाता है।
  • कच्चा लोहा, मृदुइस्पात, ढलवा लोहा में कार्बन तत्व अवरोही क्रम में उपस्थित होते हंै।
  • कांसा, तांबा एवं टिन का मिश्रण है।

  • अमोनिया एक रासायनिक यौगिक है।
  • टैफलाॅन तथा डेक्रॅान, प्लास्टिक के वहुलक है
  • नियोप्रीन संश्लेषित रबड है।
  • पाॅलिथीन , पाॅलिएथिलीन का बहुलक है
  • कोयला तथा हाइडंोकार्बन को दहन करने पर उत्पन्न प्रदुषण कार्बनमोनोआॅक्साइड तथा कार्बनडाईआॅक्साइड के मिश्रण होता है।
  • प्राकृतिक रबड को अधिक मजबूत तथा प्रत्यास्थ बनानेे के लिए उसमें सल्फर मिलाया जाता है।
  • कैल्शियम सल्फेट उर्वरक नही है।

  • लोहा पारे के साथ मिलकर अमलगम मिश्रधातु नही बनाता है इसलिए पारे को लोहे के पात्र में रखा जाता है। शेष सभी धातुएं पारे के साथ अमलगम मिश्रधातु बनाती है।
  • हैलोजन गैसों में सबसे अभिक्रियाशील गैस फ्लोरीन होती है।
  • आॅक्सीजन एक अनुचुम्बकीय तत्व है।
  • हाइडंोजन का ईधनमान सर्वाधिक होता है।
  • स्टंीट लाइट के वल्व में सोडियम का प्रयोग होता है।
  • हीमोग्लोबीन में आयरन, क्लोरोफिल में मैग्निशियम, पीतल में ताॅबा एवं विटामिन बी1 में कोबाल्ट उपस्थित होता है।
  • प्लेटिनम सबसे कठोर धातु होती है।

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  • हीरा स्वयं में एक मूल तत्व होता है।
  • पेंसिल में लिखने में प्रयोग होने वाला लेड, ग्रेफाइट का बना होता है।
  • फ्यूज में प्रयोग होने वाला तार उच्च प्रतिरोध शक्ति तथा निम्न गलनांक का होता है।
  • जस्ता एक विद्युत अचुम्बकीय पदार्थ है।
  • पनीर एक जैल का उदाहरण है।
  • फलों के रस में मैलिक अम्ल पाया जाता है।
  • अम्लीय स्त्रवण जठर की विशिष्ठता है।
  • आॅक्जैलिक अम्ल का प्रयोग दाग निकालने में किया जाता है।
  • रासानियक तत्व के अणु के सन्दर्भ में चुम्बकिय क्वाण्टम संख्या का सम्बंध अभिविन्यास से है।
  • जर्मन सिल्वर में निकिल , क्रोमियम और ताॅबे का मिश्रण होता है ।
  • वाहनों से निकलने वाले धुऐं में सीसा एक प्रमुख हानिकारक तत्व है इससे मानसिक रोग होता है।

  • हीलियम गैस आॅक्सीजन से प्रतिक्रिया नही करती है।
  • अग्निशमन यन्त्र में कार्वनडाई आॅक्साइड गैस का प्रयोग किया जाता है।
  • लोहे पर कलई चढाने के लिए जस्ते का प्रयोग किया जाता है इस प्रक्रिया को गैल्वनाइजेशन यशदलेपन कहते है।
  • आयनिक यौगिक एल्कोहल में अविलेय होते है।
  • एल्युमिनियम चुम्बक के द्वारा आकर्षित नही होती है।
  • पृथ्वी पर लगभग 100 प्रकार के रासायनिक तत्व पाये जाते है।
  • सर्वाधिक स्थायी तत्व आॅक्सीजन है।
  • सोडियम तत्व जल से हल्का होता है।

  • नाइक्रोम एक ऐसा पदार्थ है जो बहुत कठोर तथा बहुत तन्य है।
  • बोरोन कार्बाइड व्यापक रूप से हीरे के पश्चात सबसे कठोर पदार्थ के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • एसिटिक एसिड सिरका बनाने के लिए शीरा अति उत्तम कच्चा माल है।
  • फ्लिन्ट काॅच का उपयोग कैमरा एवं दूरबीन के लैंस व विधुत बल्ब, पाइरेक्स काॅच का उपयोग प्रयोगशाला के उपकरण आदि, क्रुक्स काॅच का उपयोग धूप चश्मों के लेंस तथा पोटाश काॅच का उपयोग टयूब लाइट, बोतलें व दैनिक प्रयोग के बर्तन में किया जाता है।
  • ब्लीचिंग चूर्ण का प्रयोग मुख्य रूप से जल को विसंक्रमित करने के लिए होता है।
  • अम्ल अथवा क्षार के परीक्षण के लिए लिटमस पेपर का प्रयोग किया जाता है जब लिटमस पेपर लाल से नीला हो जाता है तो क्षार होता है एवं नीले से लाल हो जाता है तो अम्ल होता है।
  • एप्सम लवण का प्रयोग सारक शोधक के रूप में होता है।
  • नीला थोथा को काॅपर सल्फेट कहते है।
  • एप्सम साॅल्ट को मैग्निशियम सल्फेट कहते है।
  • बेकिंग सोडा को सोडियम बाई कार्बोनेट कहते है।
  • कास्टिक सोडा को सोडियम हाइडंाक्साॅइड कहते है।
  • एसिटिलीन का प्रयोग बैल्डिंग उद्योग तथा प्लास्टिक निर्माण करने में प्रयुक्त की जाती है इसका प्रयोग फलों को सुरक्षित रखने में किया जाता है
  • एथिलीन का प्रयोग क्रत्रिम रूप से फलोें को पकाने के लिए किया जाता है।
  • सामान्य टयूब लाइटोें में नियाॅन के साथ सोडियम वाष्प होती है।
  • एल0 पी0 जी0 में मुख्यतः ब्यूटेन गैस होती है।
  • नाइटंोक्लोरोफाॅर्म विस्फोटक नही है।
  • आर्सेनिक-74 टयूमर, केाबाल्ट-60 कैंसर , आयेाडिन-31 थायराॅयड ग्रन्थि की सक्रियता, सोडियम-24 रक्त व्यतिक्रम में प्रयोग किया जाता है।

  • चूनापत्थर का रासायनिक नाम कैल्सियम कार्बोनेट है।
  • आॅक्सीजन तथा भारी हाइडंोजन के यौगिक को गुरूजल कहते है।
  • हाइपो जो फोटोग्राफी मंे प्रयोग किया जाता है का रासायनिक नाम है सोडियम थायोसल्फेट है ।
  • मैग्निशियम हाइडंोक्साइड को मिल्क आॅफ मैग्निशिया कहते है।
  • चेचक की खोज एडवर्ड जेनर ने की थी ।

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  • पेनिसिलीन की खोज अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने की थी ।
  • टाॅर्चलाइट , विधुत क्षुरक शेवर आदि साधनों में प्रयुक्त बैटरी में सीसा परआॅक्साइड और सीसा इलैक्टंोड के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • कार्बनडाइआॅक्साइड को शुष्क बर्फ भी कहा जाता है।
  • कैंसर के उपचार में कोबाल्ट-60 का प्रयोग किया जाता है।
  • रक्त रोगों के उपचार को ‘‘ जीन थैरपी ‘‘ कहा जाता है।
  • क्रायोजेनिक्स अतिनिम्नताप है इसे परमताप भी कहा जाता है।
  • आर0डी0एक्स0 एक विस्फोटक है।
  • खाद्य पदार्थ के परिरक्षण हेतु बेंजोइक अम्ल प्रयोग किया जाता है।
  • फ्लोरोसेन्ट टयूब प्रतिदिप्ति बल्ब में नियाॅन गैस भरी जाती है।
  • भारत में विकसित स्टेनलैस स्टील में मैंगनीज और क्रोमियम होता है।
  • क्वार्टज कैल्सियम सिलिकेट का बना होता है इसमें सिलिकाॅन और आॅक्सीजन भी पाये जाते है।
  • प्रथम विश्व युद्व में मस्टर्ड गैस का प्रयोग एक रासायनिक आयुध के रूप में किया गया था ।
  • हाइडंोजन सबसे अच्छा ईधन है क्याकि इसका उष्मीय मान सर्वाधिक होता है एवं इसका अवशेष भी सबसे कम होता है परिणामस्वरूप ये सबसे कम पर्यावरणीय प्रदूषण करता है।

  • अधूरे प्रज्वलन के कारण मोटर कार एवं सिगरेट से निकलने वाली रंगहीन गैस कार्बनमोनेाआक्साइड होती है।
  • सेप्टिक टैंक से निकलने वाली गैसेां के मिश्रण में मुख्यतः अमोनिया गैस होती है।
  • तापमान बढाने से द्रवों की श्यानता घटती है एवं तापमान बढाने से गैसों की श्यानता बढती है।
  • ग्लोबल वार्मिंग के लिए कार्बनडाइआॅक्साइड गैस अधिक जिम्मेदार है।
  • शीतल पेयों , जैसे कोला में , पर्याप्त मात्रा कैफ ीन की होती है।
  • ध्वनि के पुनरूत्पाद के लिए एक सीडी आडियो प्लेयर में लेसर बीम को प्रयोग किया जाता है।
  • एक साधारण बिजली के बल्ब का अपेक्षाक्रत अल्पजीवन होता है क्यांेकि फिलामेंट का तार एकसमान नही होता तथा बल्ब पूर्ण रूप से निर्वातित नही किया जा सकता ।
  • एटंोपीन औषधि का उपयोग ह॰य की तकलीफ कम करने मंे किया जाता है, ईथर का प्रयोग स्थानीयसंज्ञाहरण में प्रयोग होता है , नाइटोग्लिसीरीन तार विस्फारण में प्रयोग की जाती है, पाइरेथ्रियन का उपयोग मच्छरों के नियन्त्रण के लिए किया जाता है ।
  • काॅच पर हीरे तथा हाइडंोक्लोरिक अम्ल से खरोंचा या लिखा जा सकता है।
  • बुलेट प्रूफ पदार्थ बनाने के लिए पाॅलिकार्बोनेटस के बहुलक प्रयुक्त होते है।
  • बादलों के वायुमण्डल में तैरने का कारण उनका कम घनत्व का होना है।
  • ठण्डे देशों में पारे के स्थान पर एल्कोहल को तापमापी द्रव के रूप में वरियता दी जाती है क्योकि एल्कोहल का हिमांक पारे से कम होता है।
  • कैल्सियम कार्बाेनेट दन्त पेस्ट का एक अवयव होता है।
  • प्रकाश-रसायनी धूम – कोहरे के बनने के समय नाइटंोजन आॅक्साइड उत्पन्न होती है।
  • कैल्सियम सल्फेट की उपस्थिति जल को कठोर बना देती है और यह पीने योग्य नही होता है।
  • क्लोरोफोर्म गैस प्रकाश की उपस्थिति में जहरीली फाॅस्जीन गैस बन जाती है।
  • रक्त का पी0एच0 मान 7.4 होता है ।

  • रसायन प्रयोगशाला में उपयोग में लाया जाने वाला लिटमस शैक से प्राप्त होता है।
  • यूरिया – अमोनियम नाइटंेट – अमोनियम क्लोराइड – अमोनियम सल्फेट में नाइटंोजन की मात्रा घटते क्रम में है।
  • पोर्टलैण्ड सीमंेट का अविष्कार जोसफ अस्पडीन ने किया था ।
  • क्लोरोपिक्रिन को अश्रु गैस कहते है।
  • अम्लीय बर्षा के लिए सल्फर डाईआॅक्साइड गैस उत्तरदायी होती है।
  • वायु को सबसे अधिक प्रदूषित कार्बनमोनोक्साइड करता है कार्बनमोनोक्साइड हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर उसे आॅक्सीजन अवशोषण के अयोग्य बनाती है। इसलिये इसका वातावरण में इसका पाया जाना खतरनाक होता है।
  • सभी गैसें निम्न दाब और उच्च ताप पर आदर्श गैस के रूप में व्यवहार करती है।
  • रबड को कठोर बनाने के लिए उसमें कार्बन मिलाया जाता है। जिससे टयूब टायर बनाये जाते है।
  • बेरियम तथा स्टंाॅन्शियम प्रकृति में मुक्त रूप में नही पाए जाते है।
  • सोडियम क्लोराइड की उपस्थिति में प्लास्टर आॅफ पेरिस की स्थापन दर में वृद्वि होती है।
  • सीमंेट में जिप्सम का योग उसकी स्थापन दर को मंद करने के लिए किया जाता है।
  • नियोप्रीन जोकि एक संश्लिष्ट रबड है जो टू-क्लोरोब्यूटाडीन से बनती है।
  • सिलिकन चतु-संयोजकता रखता है।
  • लाल फास्फोरस एक मोमी ठोस है जबकि सफेद फास्फोरस अक्रिस्टलीय है लाल फास्फोरस गन्धहीन होता है जबकि सफेद फास्फोरस लहसुन गंध देता है।
  • अमोनियम सल्फेट एक उर्वरक है, सोडियम परआयोडेट एक आक्सीकारक है, मैग्नीज डाइआक्साॅइड एक शुष्क सेल है।
  • सिंदूर में पारा मिला होता है , चिली साल्टपीटर सोडियम से सम्बधित है, फ्लोरस्पार कैल्सियम से सम्बधित है, कैलामाइन जिंक से सम्बधित है।

  • हाइडंोजन ब्रम्हाण्ड में प्रचुरता से पाया जाने वाला तत्व है , आॅक्सीजन पृथ्वी में प्रचुरता से पाया जाने वाला तत्व है नाइटंोजन वायुमण्डल में प्रचुरता से पाया जाने वाला तत्व है।
  • नाइटंोजन वनस्पति एवं जन्तु प्रोटीन का मुख्य घटक है ।
  • क्रिस्टलीकरण के द्वारा ठोस का शुद्वीकरण करके पुनः ठोस बना लिया जाता है। , उध्र्वपातन के द्वारा कपूर को अलग किया जाता है, आसवन विधी के द्वारा द्रव का शुद्वीकरण किया जाता है, क्रोमेटोग्राफी में अधिशोषण प्रक्रिया बनायी जाती है।
  • मैग्निशियम का अयस्क डोलोमाइट है तथा कैल्सियम का अयस्क लाइमस्टोन है।
  • आॅक्सीजन की अनुपस्थिति में होने वाली क्रिया को पायरोलाइसिस कहते है।
  • ठोस ईधन का गैसीय ऊर्जा संवाहक में स्थानान्तरण को गैसीयकरण कहते है।
  • ठोस कार्बनिक वज्र्य का द्रव ईधन में सीधा स्थानान्तरण बायोगैस कहलाता है।
  • गंधक अम्ल का प्रयोग उर्वरकों के निमार्ण में, रंग बनाने वाले पदार्थो के निमार्ण में, वर्णक एवं पेंटस के निमार्ण में, बैटरियों के निमार्ण में होता है।
  • शरीर में सोडियम तथा पोटैशियम आयनों की भूमिका परासरण दाब केा संतुलित करना है।
  • ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक एवं कार्बन का अपररूप है यह मन्दक के रूप में भी प्रयुक्त होता है।
  • यूरेनियम-235 विखण्डनीय पदार्थ के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • एन्जाइम कार्बोहाइडंेट होते है एवं जैव रासायनिक उत्प्रेरक है ।
  • लाइपेस एन्जाइम टंांसग्लिसराइडों को वसा अम्लों तथा ग्लिसरोल में अपघटित कर देता है।
  • बिटामिन बी12 में परमाणु धातु उपस्थित होती है, जिसे केाबाल्ट कहते है।
  • साबून को बनाने के लिए कास्टिक सोडा को अलसी के तेल के साथ गर्म किया जाता है।
  • साधारण नमक एक ऐसा पदार्थ है जो पिघली हुई अवस्था में विद्युत धारा का चालन कर सकता है।

  • फास्फोरस का सबसे अधिक अभिक्रियाशील रूप पीला फास्फोरस है जो हवा में स्वतः ही जल उठता है इसलिए इसे जल में डुबो कर रखते है।
  • अक्रिय गैसों की संयोजकता शून्य होती है, ये एक – परमाणुक होती है
  • सोडियम तथा एल्यूमीनिय के जलयोजित सिलिकेटों का रासायनिक नाम परम्यूटिट होता है।
  • गोल्ड सबसे अधिक आद्यातवर्धनीय धातु है ।
  • आॅक्सीजन की उपस्थिति में होने वाली क्रिया दहन कहलाती है।
  • वायुमण्डल में नाइटंोजन – आक्सीजन – आर्गन – कार्बनडाईआक्साइड गैसें इस क्रम में पायी जाती है।
  • नोबल गैसंे एक परमाणवीय रंगहीन एवं गन्धहीन तथा अत्यन्त रासायनिक क्रियाशील होती है।
  • कपडें धोने की प्रक्रिया में साबुन जल की धुलाई क्षमता में वृद्वि करता है।
  • जाॅन डाल्टन ने परमाणु सिद्वान्त का प्रतिपादन किया था ।
  • प्रयोगशाला में प्रथम संश्लेषित कार्बनिक यौगिक यूरिया है।
  • साडियम पामीटेड एक साबून है, गैलेना एक अयस्क है, एन0पी0के0 एक उर्वरक है, सेलूलोज एक प्राकृतिक पाॅलीमर है ।
  • जल का क्वथनांक उसके समान आकार तथा अणुभार के अन्य द्रवों की अपेक्षा अधिक होता है क्योकि वह अन्तरा-आणविक हाइडंोजन बन्ध उपस्थित होता है।
  • रबड के टायरों में पूरक फिलर के रूप में कार्बन ब्लैक प्रयुक्त होता है।
  • हमारे पृथ्वी का भू-भाग ग्रीन हाउस के नाभिकीय परिक्षण के प्रभाव से गर्म होता है।
  • क्रैकिंग पैटंोलियम से सम्बन्धित हंै, प्रगलन काॅपर से सम्बन्धित है, हाइडंोजनीकरण खाद्य वसा से सम्बन्धित है।
  • दूध पायस होता है।
  • केन्द्रिय औष् ाधि शोध संस्थान लखनऊ में स्थित है।

  • रासायनिक रूप से इक्षु शर्करा सुक्रोज को कहते है, शर्करा विलयन के किण्वन में कार्बनडाइआॅक्साइड गैस उत्पन्न होती है ।
  • ग्लूकोज के किण्वन में अन्त में कार्बनडाइआॅक्साइड तथा जल प्राप्त होता है।
  • उर्वरकों में क्लोरीन उपस्थित नही होता है।
  • सोने के आभूषण बनाने के लिए उसमें काॅपर मिलायी जाती है।
  • अधिकतम संख्या में यौगिक हाइडंोजन तत्व बनाता है।
  • वाटरवक्र्स के द्वारा जिस जल की आपूर्ति होती है उसे क्लोरीनीकरण के द्वारा शुद्व करते है।
  • इमली में टार्टरिक अम्ल होता है।
  • सोलर कुकर को गर्म करने वाली सूर्य की किरण को इन्फ्रारेड किरण कहते है।
  • आयरन पायराइटस केा झुठा सोना कहते है।
  • पेटंोल, ऐल्केन का मिश्रण होता है।
  • सिलिका जैल नमी को सोख लेता है, इसलिए दवाओं की बोतलों में एक छोटे पैक में सिलिका जैल भरकर रखा जाता है।
  • वह प्रक्रम जिसमें ऊष्मा परिवर्तन नही होता ,रूद्वोष्म प्रक ्रम कहलाता है।
  • किसी आदर्श गैस की आन्तरिक ऊर्जा उसके आयतन पर निर्भर करती है।
  • आवर्तसारणी में तत्वों केा बढती हुयी परमाणु संख्या में रखा गया है।
  • आधुनिक आवर्तसारणी में अधातुओं केा दाहिनी ओर रखा गया है।
  • ‘ग्रीन हाउस प्रभाव‘ यह नाम स्वाण्टे आरहीनियस ने दिया था
  • कैथोड किरणें , इलैक्टंोनों की किरण पुंज है ।
  • आरयन को सबसे शुद्व रूप पिटवाँ आयरन होता है।
  • क्लोरोफिल की संरचना में मैग्नीशियम सम्मिलित होता है ।

  • फलों के परिरक्षण के लिए चीनी का घोल प्रयोग में लाया जाता है क्योकि इससे नमी अवशोषित हो जाती है जिससे सूक्ष्म जीवों की वृद्वि रूक जाती है।
  • आर्सेनिक एक उपधातु है।
  • जिर्कोनियम एवं सिलिकन अर्धचालक हैं।
  • तत्वों के किसी वर्ग में जैसे – जैसे परमाणु भार बढता है इलैक्टंाॅन बन्धुता कम होती हैै।
  • मेथेन , ऐथेन , प्रोपेन एवं ब्यूटेन में हाइडंोकार्बन के अणुभार बढते क्रम में अवस्थित है।
  • सबसे हल्की धातु लीथियम होती है।
  • किसी तत्व के दो इलैक्टंोनो के लिए सभी क्वाण्टम संख्याऐं समान नही हो सकती है।
  • गुणात्मक समानुपात का नियम जाॅन डाल्टन द्वारा खोजा गया था ।
  • अनिश्चितता के सिद्वान्त का प्रतिपादन हाइजेनबर्ग ने किया था ।
  • इलैक्टंान तब तक युग्मित नही होते, जबतक कि उनके लिए प्राप्त रिक्त कक्ष समाप्त ना हो जायें यह सिद्वान्त हुण्ड का नियम कहलाता हैं।
  • इलैक्टंान की तरंग प्रकृति सर्वप्रथम दी0 ब्राॅग्ली ने दी थी ।
  • एक इलैक्टंान की सही स्थिति तथा ऊर्जा के साथ निर्धारण असम्भव है इसे ही हाइजेन बर्ग का अनिश्चितता का सिद्वान्त कहते है।
  • हाइडंोजन का परमाणु क्रमांक व परमाणुभार समान होता है ।
  • 180 ग्राम जल में जल के 10 मोल होते है।
  • आइसोटोन में न्यूटंोनों की संख्या समान होती हैं।
  • जल का शुद्वतम रूप आसुत जल होता है।
  • क्लोरोमाइसिटिन एक ऐन्टीबायोटिक है।
  • हडिडयांे और दाँतों में कल्सियम फाॅस्फेट होता है ।
  • थैलियम को ज्स थोरियम को ज्ी थूलियम को ज्उ एवं टर्बियम को ज्इ कहते है।

  • ठोस में ठोस के विलयन को मिश्रधातु कहते है।
  • वे विलयन जिन्हे अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा पृथक रखने पर उनके मध्य परासरण की क्रिया नही होती उन्हे समपरासरी विलयन कहते है।
  • अलवाय में मोनोजाइट केा संसाधित करने वाली फैक्टंी है।
  • शर्करा कार्बोहाइडंेट होते है, राइबोफ्लेविन को बिटामिन बी2 कहते है, काइटिन प्रोटीन होते है, कैफीन एल्केलाॅइड होते है।
  • मक्खन वह कोलाइड है जिसमें जल वसा में प्ररिक्षिप्त होता है।
  • डयूटीरियम के नाभिक में एक न्यूटंाॅन तथा एक प्रोटाॅन होता है।
  • वे अभिक्रियाएंे जो केवल एक दिशा में होती हैं अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएंे होती है।
  • वह जलीय विलयन जिसके पी0एच0 का मान शून्य होता है अम्लीय होता है।
  • शुद्व जल का पी0एच0 मान 7 होता है।
  • एक द्रव के वाष्पन के प्रक्रण के साथ एन्टंाॅपी में वृद्वि होती है तथा विलयन से सुक्रोज का क्रस्टलन करने पर एन्टंाॅपी घटती है।
  • ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम भी कहलाता है।
  • ऊष्माक्षेपी वह क्रिया है जिसमें अभिकारक पदार्थो की ऊर्जा उत्पादकों से अधिक होती है।
  • हेस के नियम के अनुसार किसी अभिक्रिया का उष्मीय प्रभाव क्रियाकारक पदार्थो की अन्तिम तथा प्रा रम्भिक अवस्था पर निर्भर करता है।
  • डी0डी0टी0  टंाइक्लोरो ऐसीटेल्डिहाइड की क्लोरोबेंजीन से अभिक्रिया के फलस्वरूप प्राप्त होता है।
  • पिक्रिक अम्ल का रासायनिक नाम टंाइनाइटंोफिनोल है।
  • धातुओं में मुक्त इलैक्टंाॅन के दबाव के कारण प्रकाश का परावर्तन होने से चमक आती है।
  • नायलाॅन , पाॅलिऐमाइड है।

  • बेकेलाइट थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का बहुलक है।
  • उध्र्वपातन विधी द्वारा अमोनियम क्लोराइड व सोडियम क्लोराइड के मिश्रण केा पृथक किया जाता है।
  • प्राकृतिक हाइडंकार्बन के घटक के रूप में प्राप्त होने वाली निष्क्रिय गैस हीलियम है।
  • पौट ेशियम कक्ष ताप पर जल के साथ तीव्र क्रिया करती है।
  • टंाइटियम में इलैक्टंाॅन, प्रोटाॅन व न्यूटंाॅन 1: 1: 2 के अनुपात में होते है।
  • क्लेारोफार्म हवा एवं प्रकाश से क्रिया कर फाॅस्जीन गैस बनाती है इसलिये इसे रंगीन बोतलो में ऊपर तक भरा जाता है ।
  • हीलियम एक ऐसी गैस है जो परमाणु अवस्था में पायी जाती है।
  • हवाई जहाज के टायरों में भरने के लिए हीलियम गैस का प्रयोग किया जाता है।
  • चैल्कोपाइराइट काॅपर का अयस्क है।
  • मरकरी को आयरन धातु के पात्र में रखा जाता है।
  • नाभिकीय भटटी में ग्रेफाइट का प्रयोग न्यूटंाॅनों का वेग घटाने के लिए किया जाता है।
  • एल्कोहल , बेन्जीन एवं पेटंोल के मिश्रण केा पावर एल्कोहल कहते है।
  • सीमेन्ट के उत्पादन में काम आने वाले कच्चे पदार्थ बिना बुझा चूना एवं जिप्सम है , सीमेन्ट का जमना एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
  • प्रोटाॅन के भेदन क्षमता इलैक्टंाॅन से कम होती है।
  • उदासीन परमाणु का धनायन इलैक्टंाॅन के निकलने से उत्पन्न होता है।
  • न्यूटंाॅन आवेश रहित होते है।
  • सबसे हल्का कण इलैक्टंाॅन है।
  • पौधो में पुष्पन के लिए उपयोगी तत्व फास्फोरस है ।
  • सेडीमेण्टेशन एवं फिल्टंेशन जल को शुद्व करने की तकनीक है।

  • मेक्स प्लांक जर्मनी के थे जिन्हे क्वाण्टम सिद्वान्त की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था ।
  • आण्विक हाइडंोजन के आर्थो एवं पैरा रूपों केा नाभिकिय चक्रण के द्वारा विभेदित करते है।
  • यूरिया के निर्माण में आमोनिया तथा कार्बनडाइक्साइड प्रयुक्त होता है।
  • फिनाॅल से प्राप्त विस्फोटक केा पिक्रिक अम्ल कहते है।
  • मार्बल एक यौगिक का उदाहरण है।
  • पंचम समूह के तत्वों में बिस्मथ का आक्साॅइड अधिक क्षारीय होता है।
  • जब हाइडंोजन परमाणुओं के नाभिक का चक्रण एक ही दिशा में होता है तो वह आर्थो हाइडंोजन कहलाता है।
  • किसी गैस का वाष्पधनत्व उसके अणुभार का आधा होता है।
  • अम्ल में प्रोटाॅन प्रदान करने की प्रवृति होती है।
  • किसी परमाणु के गुण उसकी इलैक्टंाॅनिक संरचना पर निर्भर करता है।
  • दूध में उपस्थित सैकेराइड को लैक्टोज कहते है।
  • पाॅलिथीन एथिलीन के बहुलीकरण से प्राप्त होता है।
  • तनु आयोडिन विलयन की एक बून्द के साथ स्टार्च नीला रंग देता हैं।
  • शुष्क अग्निशामकों में रेत तथा बेकिंग सोडा भरा जाता है।
  • जो उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को कम करते है उन्हें ऋणात्मक उत्प्रेरक कहते है।
  • वैद्युत संयोजक यौगिक में इलैक्टंाॅन एक परमाणु से दूसरे परमाणु में स्थानान्तरित हो जाते है।
  • विखण्डन अभिक्रिया में तत्व का एक भारी नाभिक टूटकर दो छोटे नाभिक बनाता है तथा कुछ मौलिक नाभिकीय कणों केा घटा देता है।
  • एक तत्व का परमाणु क्रमांक 34 है उसकी संयोजकता 6 होगी ।

  • जल एक यौगिक है चूकि यह रासायनिक बन्धनों से जुडे दो भिन्न तत्व रखता है।
  • हाइडंोजनपराॅक्साइड एक अपचायक , आक्सीकारक एवं विरजंक के रूप में कार्य कर सकता है परन्तु वह निर्जलीकारक की तरह व्यवहार नही कर सकता है।
  • उत्प्रेरक विष उत्प्रेरक सतह पर मुक्त संयोजकताओं से संयोग करके कार्य करता है।
  • किसी विलयन का जिसमें वैद्युत-अनपघटय विलय है उसका क्वथनांक बढता है।
  • तत्वों के रासायनिक वर्गीकरण का आधुनिक नियम तत्वों के परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
  • काॅच को लाल रंग गोल्डक्लोराइड प्रदान करता है।
  • तेलो के हाइड्जनीकरण में उत्प्रेरक के रूप में निकिल का प्रयोग किया जाता है हाइडंोजनीकरण द्वारा खाद्य तेलों केा वनस्पति घी में बदला जाता है।
  • सोडियम नाइट्रेट एक ऐसा पदार्थ है जो आॅक्सीकारक तथा अपचायक दोनों की तरह प्रयोग में लाया जा सकता है।
  • पारे में बहुच उच्च आयनन ऊर्जा तथा क्षीण धात्विक बन्ध होता है इसलिए पारा 0 डिग्री से0 पर भी द्रव बना रहता है।
  • किसी अम्ल का तुल्यांकी भार उसके अणुभार को क्षारकता से विभाजित कर प्राप्त करते है।
  • लैड नाइट्रेट को गर्म करने पर रासायनिक परिवर्तन होता है।
  • काॅच भ् िमें विलेय होता है
  • जिंक में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाकर हाइडंोजन गैस प्राप्त की जाती है। एन्थ्रासाइट कोयले में सर्वाधिक कार्बन की मात्रा होती है । बिटुमिनस कोयला विश्व में सर्वाधिक पाया जाता है। पीट कोयला सबसे निम्न कोटि का कोयला है।
  • मोनोजाइट थोरियम का अयस्क है । भारत में थोरियम सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है । थोरियम पर आधारित फास्ट ब्रिडर रियक्टर कलपक्कम में स्थापित किया गया है।
  • पारा, पारदित समिश्रित मंे अनिवार्य रूप से सम्मलित होता है ।
  • कार्नेलाइट मैग्निशियम का खनिज है।

  • गन मैटल, ताॅवा टिन और जिंक का मिश्र धातु है।
  • हेमेटाइट लौह अयस्क होता है ।
  • चुना और कोयले का प्रयोग लौह अयस्क को प्रगलित करने में होता है ।
  • चीटियां काटती है तो वे फोर्मिक अम्ल अन्तःक्षेपित करती है ।
  • मिथाइल एल्कोहल पीने से अन्धता आती है।
  • फोटो ग्राफी में ‘‘स्थायीकर‘‘ के रूप में सोडियम थायोसल्फेट प्रयोग होता है ।
  • संगमरमर के टुकडो पर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालकर कार्बनडाईआॅक्साइड गैस प्राप्त की जाती है।
  • कार्बनडाइआक्साइड गैस एक एनहाइडंइड है ।

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NDA Exam – Details, Eligibility, Syllabus, Exam Pattern, Tips for preparation, Study Material, Books https://sarkarinaukrihelp.com/download-study-material-in-pdf-for-nda-exam/ https://sarkarinaukrihelp.com/download-study-material-in-pdf-for-nda-exam/#comments Mon, 12 Aug 2019 05:13:36 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=1751 nda exam study materialएनडीए और एनए परीक्षा - विवरण, पात्रता, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, कट ऑफ, तैयारी के लिए टिप्स, अध्ययन सामग्री, पुस्तकें]]> nda exam study material

NDA & NA परीक्षा उन सभी के लिए सबसे अच्छा प्रवेश बिंदु है जो भारतीय सशस्त्र बलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। UPSC द्वारा लगभग 41 केंद्रों पर देश भर में अप्रैल और सितंबर के महीनों में परीक्षा का आयोजन किया जाता है। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को सेवा चयन बोर्ड में से एक पर एसएसबी साक्षात्कार में भाग लेने के लिए कॉल लेटर जारी किए जाते हैं, उसके बाद मेडिकल परीक्षा दी जाती है।

NDA (II) 2019 एप्लीकेशन फॉर्म 7 अगस्त 2019 से शुरू किया गया है। NDA एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जो एक वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। यह भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना में प्रवेश पाने के लिए UPSC द्वारा आयोजित किया जाता है। सेवा चयन बोर्ड एसएसबी के माध्यम से उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करने के लिए साक्षात्कार का दौर आयोजित करता है। उम्मीदवार इस लेख के माध्यम से एनडीए आवेदन पत्र 2019 की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पात्रता:

शैक्षणिक योग्यता –

  • आर्मी विंग: कक्षा 12 वीं पास 10 + 2 पैटर्न। कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र भी आर्मी विंग के लिए योग्य हैं।
  • वायु सेना और नौसेना विंग: कक्षा 12 वीं पास भौतिकी और गणित के साथ।

नोट: जो लोग कक्षा १२ वीं की परीक्षा दे रहे हैं, वे भी पात्र हैं, बशर्ते वे अन्य आवश्यकताओं को पूरा करते हों।

  • आयु सीमा – न्यूनतम 16.5 वर्ष, अधिकतम -19.5 वर्ष जो महीने के पहले दिन से शुरू होता है।
  • सेक्स और वैवाहिक स्थिति – केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार पात्र हैं।

NDA Exam Pattern – Scheme of Examination :

1. लिखित परीक्षा के विषय, प्रश्नों की संख्या, अनुमत समय और प्रत्येक विषय के लिए आवंटित अधिकतम अंक इस प्रकार हैं

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PaperNo. Of QuestionDurationMax. Marks
Mathematics1202.5 hours300
General Ability1502.5 hours600
Total2705 hours900

2. सभी विषयों के पेपर में केवल वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होते हैं।

पेपर- I गणित (कोड नंबर 01) (अधिकतम अंक 300)

Paper-II General Ability Test (Code No. 02) (Maximum marks 600) comprise the following

  • Part A English( Maximum Marks – 200)
  • Part B General Knowledge (Maximum Marks – 400)

General Ability Test has six sections with the break-up of 400 marks as below:

  • Physics  100 marks.
  • Chemistry 60 marks.
  • General Science 40 marks.
  • History, Freedom Movement etc.  80 marks.
  • Geography  80 marks.
  • Current Events  40 marks.

Paper I       MATHEMATICS

1. Algebra Concept of a set, operations on sets, Venn diagrams. De Morgan laws. Cartesian product, relation, equivalence relation.

Representation of real numbers on a line. Complex numbers – basic properties, modulus, argument, cube roots of unity. Binary system of numbers. Conversion of a number in decimal system to binary system and vice-versa. Arithmetic, Geometric and Harmonic progressions. Quadratic equations with real coefficients. Solution of linear inequations of two variables by graphs. Permutation and Combination. Binomial theorem and its application. Logarithms and their applications.

2.Matrices and Determinants

Types of matrices, operations on matrices Determinant of a matrix, basic properties of determinant. Adjoint and inverse of a square matrix, Applications – Solution of a system of linear equations in two or three unknowns by Cramers rule and by Matrix Method.

3.Trigonometry

Angles and their measures in degrees and in radians. Trigonometrical ratios. Trigonometric identities Sum and difference formulae. Multiple and Sub-multiple angles. Inverse trigonometric functions. Applications – Height and distance, properties of triangles.

4.Analytical Geometry of two and three dimensions

Rectangular Cartesian Coordinate system. Distance formula. Equation of a line in various forms. Angle between two lines. Distance of a point from a line. Equation of a circle in standard and in general form. Standard forms of parabola, ellipse and hyperbola. Eccentricity and axis of a conic.

Point in a three dimensional space, distance between two points. Direction Cosines and direction ratios. Equation of a plane and a line in various forms. Angle between two lines and angle between two planes. Equation of a sphere.

5.Differential Calculus

Concept of a real valued function – domain, range and graph of a function. Composite functions, one to one, onto and inverse functions. Notion of limit, Standard limits – examples. Continuity of functions – examples, algebraic operations on continuous functions. Derivative of a function at a point, geometrical and physical interpreatation of a derivative – applications. Derivatives of sum, product and quotient of functions, derivative of a function with respect of another function, derivative of a composite function. Second order derivatives. Increasing and decreasing functions. Application of derivatives in problems of maxima and minima.

6.Integral Calculus and Differential equations

Integration as inverse of differentiation, integration by substitution and by parts, standard integrals involving algebraic expressions, trigonometric, exponential and hyperbolic functions. Evaluation of definite integrals – determination of areas of plane regions bounded by curves – applications.

Definition of order and degree of a differential equation, formation of a differential equation by examples. General and particular solution of a differential equation, solution of first order and first degree differential equations of various types – examples. Application in problems of growth and decay.

7. Vector Algebra

Vectors in two and three dimensions, magnitude and direction of a vector. Unit and null vectors, addition of vectors, scalar multiplication of vector, scalar product or dot product of two-vectors. Vector product and cross product of two vectors. Applications-work done by a force and moment of a force, and in geometrical problems.

8.Statistics and Probability

StatisticsClassification of data, Frequency distribution, cumulative frequency distribution – examples Graphical representation – Histogram, Pie Chart, Frequency Polygon – examples. Measures of Central tendency – mean, median and mode. Variance and standard deviation – determination and comparison. Correlation and regression.

Probability Random experiment, outcomes and associated sample space, events, mutually exclusive and exhaustive events, impossible and certain events. Union and Intersection of events. Complementary, elementary and composite events. Definition of probability – classical and statistical – examples. Elementary theorems on probability – simple problems. Conditional probability, Bayes theorem – simple problems. Random variable as function on a sample space. Binomial distribution, examples of random experiments giving rise to Binominal distribution.

Paper II   GENERAL ABILITY TEST

Part A – ENGLISH

The question paper in English will be designed to test the candidates understanding of English and workman like use of words. The syllabus covers various aspects like Grammar and usage, vocabulary, comprehension and cohesion in extended text to test the candidates proficiency in English.

Part B – GENERAL KNOWLEDGE

The question paper on General Knowledge will broadly cover the subjects  Physics, Chemistry, General Science, Social Studies, Geography and Current Events.

The syllabus given below is designed to indicate the scope of these subjects included in this paper. The topics mentioned are not to be regarded as exhaustive and questions on topics of similar nature not specifically mentioned in the syllabus may also be asked. Candidates answers are expected to show their knowledge and intelligent understanding of the subject.

Section A (Physics)

Physical Properties and States of Matter, Mass, Weight, Volume, Density and Specific Gravity, Principle of Archimedes, Pressure Barometer.

Motion of objects, Velocity and Acceleration, Newtons Laws of Motion, Force and Momentum, Parallelogram of Forces, Stability and Equilibrium of bodies, Gravitation, elementary ideas of work, Power and Energy.

Effects of Heat, Measurement of temperature and heat, change of State and Latent Heat, Modes of transference of Heat.

Sound waves and their properties, Simple musical instruments.

Rectilinear propagation of Light, Reflection and refraction. Spherical mirrors and Lenses. Human Eye.

Natural and Artificial Magnets, Properties of a Magnet, Earth as a Magnet.

Static and Current Electricity, conductors and Non-conductors, Ohms Law, Simple Electrical Circuits, Heating, Lighting and Magnetic effects of Current, Measurement of Electrical Power, Primary and Secondary Cells, Use of X-Rays.

General Principles in the working of the following

Simple Pendulum, Simple Pulleys, Siphon, Levers, Balloon, Pumps, Hydrometer, Pressure Cooker, Thermos Flask, Gramophone, Telegraphs, Telephone, Periscope, Telescope, Microscope, Mariners Compass; Lightening Conductors, Safety Fuses.

Section B (Chemistry)

Physical and Chemical changes. Elements, Mixtures and Compounds, Symbols, Formulae and simple Chemical Equations, Law of Chemical Combination (excluding problems). Properties of Air and Water.

Preparation and Properties of Hydrogen, Oxygen, Nitrogen and Carbondioxide, Oxidation and Reduction.

Acids, bases and salts.

Carbon – different forms.

Fertilizers – Natural and Artificial

Material used in the preparation of substances like soap, Glass, Ink, Paper, Cement, Paints, Safety Matches, and Gun-Powder.

Elementary ideas about the Structure of Atom, Atomic, Equivalent and Molecular Weights, Valency.

Section C (General Science)

  • Difference between the living and non- living.
  • Also Read  Quiz – 3 For UPSC – NDA, CDS, CAPF & AFCAT Exam
  • Basis of Life – Cells, Protoplasm and Tissues.
  • Growth and Reproduction in Plants and Animals.
  • Elementary knowledge of human Body and its important organs.
  • Common Epidemics, their causes and prevention.
  • Food – Source of Energy for man. Constituents of food, Balanced Diet.
  • The Solar System – Meteors and Comets, Eclipses.
  • Achievements of Eminent Scientists.

Section D (History, Freedom Movement etc.)

  • A broad survey of Indian History, with emphasis on Culture and Civilization.
  • Freedom Movement in India
  • Elementary study of Indian Constitution and Administration.
  • Elementary knowledge of Five Year Plans of India.
  • Panchayati Raj, Co-operatives and Community Development.
  • Bhoodan, Sarvodaya, National Integration and Welfare State, Basic Teachings of Mahatma Gandhi.
  • Forces shaping the modern world; Renaissance, Exploration and Discovery; War of American Independence. French Revolution, Industrial Revolution and Russian Revolution. Impact of Science and Technology on Society. Concept of one World, United Nations, Panchsheel, Democracy. Socialism and Communism. Role of India in the present world.

Section E (Geography):

  • The Earth, its shape and size. Lattitudes and Longitudes, Concept of time. International Date Line. Movements of Earth and their effects.
  • Origin of Earth. Rocks and their classification; Weathering – Mechanical and Chemical, Earthquakes and volcanoes.
  • Ocean Currents and Tides
  • Atmosphere and its composition; Temperature and Atmospheric Pressure, Planetary Winds, cyclones and Anti-cyclones; Humidity; Condensation and Precipitation; Types of Climate. Major Natural regions of the World
  • Regional Geography of India – Climate, Natural vegetation. Mineral and Power resources; location and distribution of agricultural and industrial activities.
  • Important ports and main sea, land and air routes of India. Main items of Imports and Exports of India.

Section F (Current Events):

  • Knowledge of Important events that have happened in India in the recent years.
  • Current important world events.
  • Prominent personalities – both Indian and International including those connected with cultural activities and sports.

एनडीए परीक्षा की तैयारी कैसे करें – एनडीए और एनए प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन योजना, अध्ययन सामग्री और पुस्तकें : (How to Prepare for NDA Examination – Study Plan, Study Material and books for NDA & NA Entrance Exam Preparation)

  • गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान खंड 12 वीं कक्षा की किताबों से तैयार किए जाने चाहिए और जीव विज्ञान, भूगोल, इतिहास और राजनीति विज्ञान कक्षा 10 वीं स्तर तक तैयार किए जाने चाहिए।
  • Mathematics: कक्षा 11 वीं और कक्षा 12 वीं की एनसीईआरटी पुस्तकें पर्याप्त से अधिक होनी चाहिए। यहाँ उद्देश्य यथासंभव सही प्रश्नों पर प्रयास करना चाहिए। याद रखें यह एक वस्तुनिष्ठ परीक्षा है और आपको अपनी उत्तर पंक्ति को लाइन में नहीं लिखना है। स्पीड गणित सीखना आसान होगा। अधिकांश समय मानसिक रूप से प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। अवधारणाओं पर एक अच्छी कमान वाला उम्मीदवार इस विषय में अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है। एक बार जब आप सिलेबस के साथ हो जाते हैं, तो गणित के प्रश्न के प्रश्नों में कठिनाई के स्तर को मापने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों पर एक नज़र डालें।
  • English – समाचार पत्र पढ़ना और टीवी पर अंग्रेजी समाचार देखना आपको अधिकांश उम्मीदवारों से अलग कर सकता है। यह अत्यधिक अनुशंसित है कि आप हिंदू या इंडियन एक्सप्रेस को पढ़ें। यह न केवल आपकी लिखित परीक्षा में बल्कि आपके SSB साक्षात्कार में भी मदद करेगा जहां आप अपने ज्ञान के साथ अपने मूल्यांकनकर्ताओं और समूह को प्रभावित कर सकते हैं और अंग्रेजी भाषा पर कमांड कर सकते हैं। अपनी शब्दावली में सुधार करने के लिए हम उम्मीदवारों को वर्ड पावर मेड ईज़ी खरीदने के लिए अत्यधिक सलाह देते हैं, लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शब्दावली बिल्डिंग के लिए यह सबसे अच्छी पुस्तक है।
  • General Knowledge – अपने सामान्य ज्ञान को ब्रश करें। सभी उम्मीदवारों को दैनिक समाचार पत्र पढ़ने की आदत नहीं है, ऐसे उम्मीदवारों के लिए 2015 और सामान्य ज्ञान 2015 की सिफारिश की जाती है।

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एनडीए परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स और ट्रिक्स:

  • अध्ययन करते समय, अपनी खुद की लिखावट में अपने नोट्स तैयार करें और याद रखने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं को नीचे लिखें।
  • साप्ताहिक रूप से स्वयं परीक्षण के माध्यम से अपने द्वारा प्राप्त किए गए ज्ञान की समीक्षा करें।
  • अपने आत्म परीक्षण के परिणामों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करें। आपने कुछ मूर्खतापूर्ण गलतियाँ की होंगी। अगली बार उनसे बचने की कोशिश करें।

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  • विषय को पूरा करने पर आपको अभ्यास परीक्षणों के लिए जाना चाहिए क्योंकि इससे आपको अपने ज्ञान की गहराई, गति और अनुभव का पहला हाथ मिलेगा सटीकता, और आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।
  • गणित के महत्वपूर्ण बिंदुओं और फॉर्मूलों के लिए एक क्विक रिवीजन शीट रखें।
  • विश्वसनीय स्रोत से बुनियादी व्याकरण नियमों को संशोधित करें। व्रेन और मार्टिन ग्रामर किताब एक अच्छा विकल्प है।
  • भौतिकी विषयों और अवधारणाओं और उनके अनुप्रयोगों को भी समझें
  • रसायन विज्ञान बुनियादी अवधारणाओं और विभिन्न वर्गीकरण को समझते हैं
  • सामान्य विज्ञान में वर्तमान स्थिति के संदर्भ में सामान्य जीव विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान शामिल हैं।
  • इतिहास और नागरिक शास्त्र की तैयारी – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, भारत के संविधान पर जोर अधिक होना चाहिए।
  • भूगोल – पृथ्वी की विशेषताएँ, वातावरण, अक्षांश, देशांतर आदि।
  • प्रश्नों की शैली और पैटर्न को समझने और अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने के लिए नमूना पत्रों / पिछले वर्ष के पत्रों का अभ्यास करें।
  • जैसे-जैसे परीक्षाएं आपके कमजोर क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करती हैं और आपके पास उन विषयों का एक संक्षिप्त संशोधन होता है जिन्हें आपने महारत हासिल की है
  • अंत में, परीक्षा के दौरान झांसा न दें। केवल उन प्रश्नों के उत्तर दें, जिनसे आप नकारात्मक से बचना सुनिश्चित करते हैं अंकन। यहां लोग भुगतान करने नहीं जा रहे हैं। कई उम्मीदवार नकारात्मक अंकन के कारण कट ऑफ को साफ़ नहीं करते हैं।

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  • Download Previous Year Papers of National Defence Academy & Naval Academy Exam – 2009 to 2014 – Click Here
  • Medieval and Modern History TN Board – Download Medieval & Modern History book in PDF – Click Here
  • Physics NCERT – Download NCERT Physics in PDF – Click Here
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  • Mathematics NCERT – Download NCERT Mathematics in PDF, English Medium – Class 11th , Class 12th part 1,  Class 12th part 2
  • Indian Polity NCERT – Class 9thClass 10th

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[*2019*] 500+ Chhattisgarh CG General Knowledge in Hindi – CG GK Hindi PDF Download https://sarkarinaukrihelp.com/gk-chhattisgarh-objective/ https://sarkarinaukrihelp.com/gk-chhattisgarh-objective/#respond Fri, 09 Aug 2019 15:53:16 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=3570 Chhattisgarh-General-Knowledge500+ Chhattisgarh General Knowledge GK हिन्दी में – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम उन सभी छात्रों जो छत्तीसगढ़ राज्य की किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहै है , के लिए  छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान – GK Chhattisgarh Objective Question जिनकी संख्या 500 प्रश्नों से भी अधिक है। ये One Liner Chhattisgarh General Knowledge […]]]> Chhattisgarh-General-Knowledge

500+ Chhattisgarh General Knowledge GK हिन्दी में – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम उन सभी छात्रों जो छत्तीसगढ़ राज्य की किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहै है , के लिए  छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान – GK Chhattisgarh Objective Question जिनकी संख्या 500 प्रश्नों से भी अधिक है। ये One Liner Chhattisgarh General Knowledge (GK) Questions आप सब छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

About Chhattisgarh State:

छत्तीसगढ़ एक युवा और एक नया राज्य है लेकिन इस राज्य के संदर्भ को प्राचीन ग्रंथों, और शिलालेखों में देखा जा सकता है। प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोशल के रूप में जाना जाता था और कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास पर यहां कुछ समय बिताया था। दक्षिण कोसल के छत्तीसगढ़ के अखंड इतिहास का पता चौथी शताब्दी ईस्वी सन् में लगाया जा सकता है। 10 वीं शताब्दी में इस क्षेत्र पर एक शक्तिशाली राजपूत परिवार का शासन था, जो खुद को हैहय वंश कहते थे। इस राजवंश ने छत्तीसगढ़ पर छह शताब्दियों तक शासन किया और लगभग 14 वीं शताब्दी में यह भागों में विभाजित हो गया। चालुक्य राजवंश ने मध्य युग में बस्तर में अपना शासन स्थापित किया। मराठों ने 1741 में छत्तीसगढ़ पर हमला किया और हाह्य शक्ति को नष्ट कर दिया।

Geography of Chhattisgarh:

छत्तीसगढ़ भारत का 10 वां सबसे बड़ा राज्य है। इस राज्य की राजधानी रायपुर, छत्तीसगढ़ के उपजाऊ मैदानों पर स्थित है। रणनीतिक रूप से, राज्य भारत के मध्य भाग में है। राज्य के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र पहाड़ी हैं, और मध्य भाग उपजाऊ है। राज्य का रूपरेखा नक्शा एक समुद्री घोड़े जैसा दिखता है। उत्तर में भारत-गंगा के मैदान का अंत है, जहाँ रिहंद नदी नालियाँ बनाती है। सतपुड़ा रेंज के पूर्व की ओर और छोटा नागपुर पठार के पश्चिम में सुंदर रूप से पहाड़ियां हैं जो महान-महानदी नदी बेसिन को भारत-गंगा के मैदान से विभाजित करती हैं। छत्तीसगढ़ का दक्षिणी भाग दक्कन के पठार पर शान के साथ रहता है। महानदी राज्य की नदियों की अगुवाई है, जबकि इस राज्य में सूट करने वाली अन्य नदियां रिहंद, इंद्रावती, जोंक, अरपा और शिवनाथ हैं। छत्तीसगढ़ 21.27 ° N अक्षांश और 81.60 ° E देशांतर के बीच स्थित है।

500+ Chhattisgarh General Knowledge Question and Answer

  • कलचुरी राजवंश की शाखा जो छत्तीसगढ़ में अपना राजनीतिक सत्ता स्थापित की——लहुरी शाखा
  • छत्तीसगढ़ के खालसा इलाके में  प्रशासकीय नियंत्रण था———मराठो का
  • छत्तीसगढ़ को मध्यप्रान्त का प्रशासकीय संभाग  बनाया गया——सत्र 1862
  • BNC मील राजनांदगाँव श्रमिक हड़ताल का नेतृत्व  किया था—–ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने
  • BNC मील राजनांदगाँव श्रमिक हड़ताल हुवा था ——–1920  को
  • छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास विभाग का प्रशासनिक प्रमुख होता है ———-विकास आयुक्त
  • रायपुर को नगरनिगम का दर्जा प्राप्त हुवा ———वर्ष 1967 मे
  • छत्तीसगढ़ में धारवाड़ शैल समूह नहीं पाया जाता है——कोरिया भाग में
  • छुरी – उदयपुर पहाड़ियों का विस्तार पाया जाता है——–कोरबा रायगढ़ में
  • छत्तीसगढ़ में पहली बार सीमेंट संयंत्र की स्थापना ——-1965  में हुई
  • छत्तीसगढ़ में वैगन रीपेयर शॉप का निर्माण ———1966 में हुवा
  • बिरकोनी औद्योगिक  विकास केंद्र स्थित है ———महासमुंद जिला में
  • चुना पत्थर का सबसे अधिक उत्पादान होता है——बलौदाबाजार जिले में

Chhattisgarh Objective General Knowledge For All Competitive Examinations

  • बिलासपुर जिले में औद्योगिक छेत्र स्थापित  किया गया है—— सिरगट्टी एवं तिफरा में
  • छत्तीसगढ़ के लेखक जगन्नाथ प्रसाद भानु  जाने जाते  है ——-छंद शास्त्री के रूप में
  • ‘श्यामा स्वप्न’ के  रचनाकार है ———ठाकुर जगमोहन सिंह
  • छत्तीसगढ़ के तुरतुरिया नामक जगह  सम्बंधित है ——-ऋषि वालमिकी से
  • कबीर पंथ मुख्य रूप से  सम्बंधित है ——दामाखेड़ा से
  • विवाह के समय गया जाने वाला गीत है  ———–भड़ौनी
  • पारंपरिक लोकगीत भोजली के गायन के समय नाम बार-बार आता है —–गंगा का
  • युवागृह घोटलु के युतियों के प्रमुख है ——-बेलोसा
  • लाखड़ी एक प्रकार का ———दाल है
  • गोंचा पर्व  मनाया जाता है ——-आषाढ़ माह में
  • छत्तीसगढ़ में गला में पहनने वाले आभूषण को कहा जाता है————सुतिया
  • छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से निचे जीवन यापन करने वाले परिवार को प्रतिमाह बिजली मुक्त दी जाती है ——–40 यूनिट
  • 2001 से 2011 में जिस जिले की जनसंख्या  वृद्धि दर काम रही  वह है ——-दंतेवाड़ा
  • रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम नारायणपुर के संस्थापक है ———स्वामी आत्मानंद
  • जनगणना 2011 के अनुसार  साक्षरता दर अधिक रही ——–दुर्ग जिले की
  • छत्तीसगढ़ राज्य का गठन मध्य प्रदेश के कितने जिले लेकर किया गया था ——–16 जिले

Chhattisgarh Objective GK hindi

  • लोकसभा में छत्तीसगढ़ राज्य संबंधी मध्यप्रदेश पुनर्गठन विधेयक पारित किया गया ——–31 जुलाई 2000 को
  • छत्तीसगढ़ में लोकसभा की सीटे है ——-11
  • छत्तीसगढ़ के लौहखनिज का निर्यात किया जाता है——– जापान को
  • छत्तीसगढ़ में राज्य सभा की सीटे है ——-05
  • छत्तीसगढ़ में कुल सिंचित भूमि का प्रतिशत है ——-25
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल सदस्य संख्या है ——90
  • छत्तीसगढ़ में नहीं पाया जाता है —–ताम्र अयस्क खनिज
  • रिहंद नदी का उदगम स्थल है ——मतिरिंगा पहाड़ी (अंबिकापुर)
  • छत्तीसगढ़ भाषा में बनाया गया पहली फिल्मे है —कही देबे सन्देश
  • छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका है——-तीजनबाई  (पद्यश्री)
  • वह फ़िल्मी अभिनेत्री जो रायगढ़ जिले से सम्बंधित है —–शुलकछना पंडित
  • छत्तीसगढ़ के सबसे पहली समाचार पत्र है ——-छत्तीसगढ़ मित्र
  • छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला स्थान है ——बस्तर का अभुझमाड़
  • छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक तापमान वाला स्थान है ——चापा
  • छत्तीसगढ़ का नागलोक कहलाता है ———तपकरा

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  • मिनी माता बांगो बांध स्थित है —–हसदेव नदी पर
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीटो की संख्या है? ——–90
  • छत्तीसगढ़ में राज्य सभा सीटो की संख्या है? ——–05
  • छत्तीसगढ़ में लोकसभा सीटो की संख्या है? ——–11  
  • छत्तीसगढ़ का मंगलपांडे कहा जाता है? ———शहीद हनुमान सिंह को
  • क्षेत्रफल के दृस्टिकोण से भारत के राज्यों में छत्तीसगढ़ का स्थान है? ——–9 वा
  • छत्तीसगढ़  का प्रथम शक्कर कारखाना है? ———कवर्धा में
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का नाम रखा गया है?  ———मिनीमाता के नाम पर 
  • छत्तीसगढ़  की गंगा कहा जाता है? ———महानदी को
  • भोरमदेव मंदिर का निर्माण हुवा है? ———फणिनागवंश काल में
  • छत्तीसगढ़ का प्रथम खुला जेल स्थित है? ——–मसगांव में

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  • ओलम्पिक खेलने वाले छत्तीसगढ़ के हाँकि खिलाड़ी है ?———क्लाडियस
  • छत्तीसगढ़  क्षेत्र में प्रथम महिला सांसद थी? ———मिनीमाता
  • भोरमदेव मंदिर का निर्माण? ——-11 विं शताब्दी माना जाता है
  • बस्तर में डंडारी नृत्य किया जाता है? ———होली त्यौहार में
  • मामा -भांजा मंदिर स्थित है? ———बारसूर में
  • रक्सगण्डा जलप्रपात स्थित है? ——–रेंड नदी पर

  • साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड का मुख्यालय स्थित है? ——बिलासपुर में
  • छत्तीसगढ़ में किस शैल समूह का विस्तार सबसे अधिक है? ——-आर्कियन और कडप्पा का
  • छत्तीसगढ़ की मैकल श्रेणी की पहाड़ियो में सबसे ऊँची छोटी है? ——–बदरगढ़ की
  • छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा जनजाति समूह है? ——-गोंड
  • छत्तीसगढ़ विशेष पिछड़ी जनजाति है? ———कमार एवं पहाड़ी कोरवा
  • छत्तीसगढ़ का कौन सा बांध मिट्टी से बना है ———खरखरा

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CG Samanya Gyan 2019

  • छत्तीसगढ़ के हाइकोर्ट के प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे? ———डब्लू, ए. शिशांक
  • छत्तीसगढ़  में पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का नाम रखा गया है? ——कुशाभाऊ ठाकरे के नाम पर
  • छत्तीसगढ़ की एक मात्र जुट मिल स्थित है?—–रायगढ़ में
  • गोंड जनजाति की उप-जनजाति है? ——–प्रधान
  • बैगा जनजाति की उप-जनजाति है? ——–बिंझवार
  • गोमरदा अभ्यारण्य स्थित है? ——–रायगढ़ में
  • बादलखोल अभ्यारण्य स्थित है? ——-जशपुर में
  • पामेड़ अभ्यारण्य स्थित है? ——दंतेवाड़ा में
  • उरांव जनजाति की उप-जनजाति है? ——–कुरूख
  • छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध है? ——-भोरमदेव
  • कला एवं संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है? —–चक्रधर सम्मान
  • छत्तीसगढ़ राज्य कितने राज्य के सिमा को स्पर्श करती है? ——-6
  • तीरथगढ़ जलप्रपात बनता है? ——–मुनगाबहार नदी पर
  • गोदावरी नदी की कुल लंबाई है? ——-1465 किलो मीटर

दोस्तों आपको यह Chhattisgarh CG General Knowledge in Hindi – CG GK Hindi PDF Download की Post कैसी लगी या आपको किसी भी प्रकार का सवाल है या ebook की आपको आवश्यकता है तो आप नीचे comment कर सकते है. आपको किसी परीक्षा की जानकारी चाहिए या किसी भी प्रकार का हेल्प चाहिए तो आप comment कर सकते है. हमारा post अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करे और नीचे रेटिंग अवश्य दे. आप daily updates के लिए हमसे Telegram Channel  से भी जुड़ सकते है.

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Current Affairs 2019 PDF Hindi Download करें – दोस्तों आज सरकारी नौकरी हेल्प की टीम आप सभी छात्रों के लिए Current Affairs 2019 से संबंधितसभी PDF के संग्रह का लिंक पोस्ट कर रही है।चूकिं करेंट अफेयर्स आजकर सभी परीक्षाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण भाग हो गया है।इसी इस लेख में हम आपको जनवरी 2019 से लेकर अब तक की सभी माह की Current Affairs 2019 PDF Hindi के डाउनलोड लिंक दिये जा रहे है और इस लेख में Current Affairs 2019 के आने वाले माह कीसभी जानकारी अपलोड कि जायेगी। इसके लिए आप इस साईट को रेगुलर विजिट करें।

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जैसा की आप जानतें है कि Current Affairs 2019 –   करेंट अफेयर्स की तैयारी प्रीलिम्स और मेन्स को अलग-अलग मानकर की जानी है। प्रीलिम्स के लिए आपको अधिक तथ्यों की आवश्यकता होती है और मुख्य के लिए आपको मुद्दों के विश्लेषण की अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन संसाधन वही रहते हैं।

  • हिन्दू
  • भारत में दैनिक वर्तमान मामलों और सुरक्षित पहल पर अंतर्दृष्टि
  • दृष्टि मासिक संकलन।
  • द हिंदू रोज पढ़ना शुरू करें। संपादकीय से महत्वपूर्ण तथ्यों और विश्लेषण के महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करें। इस अभ्यास में 2 घंटे से अधिक का निवेश न करें। साथ ही रोजाना के करेंट अफेयर्स को रोज पढ़ें। वे संपादकीय विश्लेषण और आकाशवाणी सारांश भी पोस्ट करते हैं, यह भी उपयोगी है। और महीने के अंत में विज़न आईएएस मासिक पुस्तिकाओं को देखें। यह आपकी तैयारी को बढ़ाएगा और प्रीलिम्स के साथ-साथ मुख्य के लिए कुछ बहुत महत्वपूर्ण बिंदु भी प्रदान करेगा। प्रीलिम्स के लिए उपरोक्त रणनीति पर्याप्त होगी।
  • मुख्य मामलों के लिए वर्तमान मामलों को कवर करने के लिए आ रहा है, उपरोक्त रणनीति भी उसी के लिए सहायक होगी। एकमात्र अतिरिक्त इनसाइट्स की सुरक्षित पहल से गुजर रहा है। सुरक्षित प्रश्नों के उत्तर लिखने का प्रयास करें या कम से कम उनके द्वारा दिए गए उत्तरों को सिनोप्सिस में पढ़ें। यह मुख्य रूप से जीएस 2 और जीएस 3 के उत्तर लेखन के लिए आपका आधार बनेगा। हमेशा अपने हाथ से सिलेबस रखें, यह जानने में बेहद उपयोगी है कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं। आशा करता हूँ की ये काम करेगा

तो आईये जानते है कि नीचे हम किन माह की Current Affairs 2019 PDF Hindi व English में पढ़ने को मिलेगा !

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Most Important Current Affairs 2019 and General knowledge pdf 2018-2019
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क्या है धारा 370? एवं विभिन्न देशों के प्रमुख राजनीतिक दल https://sarkarinaukrihelp.com/what-is-section-370/ https://sarkarinaukrihelp.com/what-is-section-370/#respond Tue, 06 Aug 2019 10:50:51 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=807 Sarkari Naukri Help की आज की शृंखला में अब प्रस्तुत हैं प्रतियोगी छात्रों के लिए भारतीय राजव्यवस्था का आज का भाग – क्या है धारा 370? एवं विभिन्न देशों के प्रमुख राजनीतिक दल से सम्बंधित है को शेयर कर रहा है । इस शृंखला की सबसे खास बात यह है की Indian Polity Notes in […]]]>

Sarkari Naukri Help की आज की शृंखला में अब प्रस्तुत हैं प्रतियोगी छात्रों के लिए भारतीय राजव्यवस्था का आज का भाग – क्या है धारा 370? एवं विभिन्न देशों के प्रमुख राजनीतिक दल से सम्बंधित है को शेयर कर रहा है । इस शृंखला की सबसे खास बात यह है की Indian Polity Notes in Hindi विषेशज्ञों के द्वारा तैयार किया गया है,जो नवीनतम Pattern पर आधारित है।

क्या है धारा 370?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 एक `अस्‍थायी प्रबंध` के जरिए जम्मू और कश्मीर को एक विशेष स्वायत्ता वाला राज्य का दर्जा देता है। भारतीय संविधान के भाग 21 के तहत, जम्मू और कश्मीर को यह `अस्‍थायी, परिवर्ती और विशेष प्रबंध` वाले राज्य का दर्जा हासिल होता है। भारत के सभी राज्यों में लागू होने वाले कानून भी इस राज्य में लागू नहीं होते हैं।

इन्हें भी जरुर पढ़ें-
विशेष अधिकार

  • धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।
  • इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान कीधारा 356 लागू नहीं होती।
  • इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।

  • 1976 का शहरी भूमि क़ानून जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।
  • इसके तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि ख़रीदने का अधिकार है। यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते।
  • भारतीय संविधान की धारा 360 जिसके अन्तर्गत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती।
  • जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय करना ज़्यादा बड़ी ज़रूरत थी और इस काम को अंजाम देने के लिये धारा 370 के तहत कुछ विशेष अधिकार कश्मीर की जनता को उस समय दिये गये थे। ये विशेष अधिकार निचले अनुभाग में दिये जा रहे हैं।

विशेष अधिकारों की सूची

  • जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।
  • जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है।
  • जम्मू – कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
  • जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है।

  • भारत के उच्चतम न्यायालय के आदेश जम्मू-कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं।
  • भारत की संसद को जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यन्त सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है।
  • जम्मू-कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी। इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी।
  • धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागू नहीं है, RTE लागू नहीं है, CAG लागू नहीं है। संक्षेप में कहें तो भारत का कोई भी कानून वहाँ लागू नहीं होता।

धारा 370 के सम्बन्ध में कुछ विशेष बातें

  • धारा 370 अपने भारत के संविधान का अंग है।
  • यह धारा संविधान के 21वें भाग में समाविष्ट है जिसका शीर्षक है- ‘अस्थायी, परिवर्तनीय और विशेष प्रावधान’ (Temporary, Transitional and Special Provisions)।
  • धारा 370 के तहत जो प्रावधान है उनमें समय समय पर परिवर्तन किया गया है जिनका आरम्भ 1954 से हुआ। 1954 का महत्त्व इस लिये है कि 1953 में उस समय के कश्मीर के वजीर-ए-आजम शेख महम्मद अब्दुल्ला, जो जवाहरलाल नेहरू के अंतरंग मित्र थे, को गिरफ्तार कर बंदी बनाया था। ये सारे संशोधन जम्मू-कश्मीर के विधानसभा द्वारा पारित किये गये हैं।

संशोधित किये हुये प्रावधान इस प्रकार के हैं-

  • (e) 1964 में संविधान के अनुच्छेद 356 तथा 357 इस राज्य पर लागू किये गये। इस अनुच्छेदों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक व्यवस्था के गड़बड़ा जाने पर राष्ट्रपति का शासन लागू करने के अधिकार प्राप्त हुए।
  • (f) 1965 से श्रमिक कल्याण, श्रमिक संगठन, सामाजिक सुरक्षा तथा सामाजिक बीमा सम्बन्धी केन्द्रीय कानून राज्य पर लागू हुए।
  • (g) 1966 में लोकसभा में प्रत्यक्ष मतदान द्वारा निर्वाचित अपना प्रतिनिधि भेजने का अधिकार दिया गया।
  • (h) 1966 में ही जम्मू-कश्मीर की विधानसभा ने अपने संविधान में आवश्यक सुधार करते हुए- ‘प्रधानमन्त्री’ के स्थान पर ‘मुख्यमन्त्री’ तथा ‘सदर-ए-रियासत’ के स्थान पर ‘राज्यपाल’ इन पदनामों को स्वीकृत कर उन नामों का प्रयोग करने की स्वीकृति दी। ‘सदर-ए-रियासत’ का चुनाव विधानसभा द्वारा हुआ करता था, अब राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होने लगी।

  • (i) १९६८ में जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय ने चुनाव सम्बन्धी मामलों पर अपील सुनने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय को दिया।
  • (j) 1971में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत विशिष्ट प्रकार के मामलों की सुनवाई करने का अधिकार उच्च न्यायालय को दिया गया।
  • (k) 1986 में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 249 के प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू हुए।
  • (l) इस धारा में ही उसके सम्पूर्ण समाप्ति की व्यवस्था बताई गयी है। धारा 370 का उप अनुच्छेद ३ बताता है कि ‘‘पूर्ववर्ती प्रावधानों में कुछ भी लिखा हो, राष्ट्रपति प्रकट सूचना द्वारा यह घोषित कर सकते है कि यह धारा कुछ अपवादों या संशोधनों को छोड दिया जाये तो समाप्त की जा सकती है।

इस धारा का एक परन्तुक (Proviso) भी है। वह कहता है कि इसके लिये राज्य की संविधान सभा की मान्यता चाहिये। किन्तु अब राज्य की संविधान सभा ही अस्तित्व में नहीं है। जो व्यवस्था अस्तित्व में नहीं है वह कारगर कैसे हो सकती है?

जवाहरलाल नेहरू द्वारा जम्मू-कश्मीर के एक नेता पं॰ प्रेमनाथ बजाज को 21 अगस्त 1962 में लिखे हुये पत्र से यह स्पष्ट होता है कि उनकी कल्पना में भी यही था कि कभी न कभी धारा 370 समाप्त होगी। पं॰ नेहरू ने अपने पत्र में लिखा है-

‘‘वास्तविकता तो यह है कि संविधान का यह अनुच्छेद, जो जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा दिलाने के लिये कारणीभूत बताया जाता है, उसके होते हुये भी कई अन्य बातें की गयी हैं और जो कुछ और किया जाना है, वह भी किया जायेगा। मुख्य सवाल तो भावना का है, उसमें दूसरी और कोई बात नहीं है। कभी-कभी भावना ही बडी महत्त्वपूर्ण सिद्ध होती है।’’

विभिन्न देशों के प्रमुख राजनीतिक दल

  • चीन- कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना
  • श्रीलंका- यूनाइटेड नेशनल पार्टी, फ्रीडम पार्टी
  • दक्षिण अफ्रीका- अफ्रीका नेशनल कांग्रेस, नेशनल पार्टी, इन्काथा फ्रीडम पार्टी
  • यूनाइटेड किंगडम- कंजर्वेटिव पार्टी, लेवर पार्टी, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी
  • रूस- लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी, रशाज चॉयस, कम्यूनिस्ट पार्टी
  • भारत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी
  • पाकिस्तान- मुस्लिम लीग, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी
  • संयुक्त राज्य अमेरिका- रिपब्लिक पार्टी, डेमोक्रेटिक पार्टी
  • ईराक- बाथ पार्टी
  • इजराइल- लेबर पार्टी, लिकुड पार्टी, हदाश पार्टी, शास पार्टी
  • फ्रांस- सोशलिस्ट पार्टी, नेशनल फ्रंट यूनियन फॉर फ्रेंच डेमोक्रेसी
  • ऑस्ट्रेलिया- लिबरल पार्टी, लेबर पार्टी
  • बांग्लादेश- बांग्लादेश नेशनल पार्टी, आवामी लीग, जातीय पार्टी
  • नेपाल- नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, नेपाली क्रांग्रेस पार्टी

दोस्तों अगर आपको आज का भाग पढने के बाद किसी भी प्रकार का सवाल है या ebook की आपको आवश्यकता है तो आप निचे comment कर सकते है. आपको किसी परीक्षा की जानकारी चाहिए या किसी भी प्रकार का हेल्प चाहिए तो आप comment कर सकते है. हमारा post अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करे और उनकी सहायता करे. आप हमसे Facebook Page या Whatsapp Group से भी जुड़ सकते है Daily updates के लिए.

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आज Sarkari Naukri Help की टीम सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए Essay से संबन्धित टापिक Sustainable Development Essay जो कि सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्रें के लिए काफी महत्वपूर्ण टापिक है हमारी टीम आपके लिए Sustainable Development Essay in Hindi की पीडीएफ से भी अवगत् करायेगीजिसको आप नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर सकते है

What is sustainable development सतत विकास क्या है?

  • सतत विकास सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रक्रिया है, जिसमें विकास की बात पृथ्वी की सहनशक्ति के अनुसार होती है। यह अवधारणा 1960 के दशक में विकसित हुई, जब लोग औद्योगिकीकरण के पर्यावरण के हानिकारक प्रभावों से अवगत हुए।
  • सतत विकास की अवधारणा 1962 में शुरू हुई जब विज्ञान लेखक राहेल कार्सन ने लिखा था। एक किताब द साइलेंट स्प्रिंग
  • यह पुस्तक पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और सामाजिक दलों के बीच परस्पर संबंधों के अध्ययन में मील का पत्थर साबित हुई।
  • वर्ष 1968 में, जीवविज्ञानी जे पॉल एर्लिच ने अपनी पुस्तक पशुपालन बम प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने मानव आबादी, संसाधन दोहन और पर्यावरण के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला।

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What is sustainable development goals and definition: सतत विकास का अर्थ एवं सतत विकास का उद्देश्य क्या है?

सतत विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण को सुरक्षित करना है। इसका उद्देश्य वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है। इस शब्द को अलग तरह से परिभाषित किया गया है –

  • सतत का मतलब एक स्थिति है, जो हमेशा के लिए रहती है।
  • प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस प्रकार किया जाना चाहिए कि पर्यावरण असंतुलन न हो और उत्पादन क्षमता की तुलना में प्रकृति का अधिक दोहन न हो।

  • सतत विकास की अवधारणा पर्यावरण के अनुसार आर्थिक विकास नीतियों के विकास पर जोर देती है। इसका उद्देश्य पर्यावरण के खिलाफ विकास नीतियों में बदलाव करना है।
  • सस्टेनेबल डेवलपमेंट की सर्वश्रेष्ठ परिभाषा द बेंटलैंड कमीशन ने अपनी रिपोर्ट हमारे कॉमन फ्यूचर (1987) में दी। उन्होंने सतत विकास को ऐसा विकास कहा जो भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा किए बिना उनसे मिले।

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Sustainable Development Goals : सतत विकास का उद्देश्य

सतत विकास का कुछ दूरगामी और व्यापक उद्देश्य है जो जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्रीय बंधन से मुक्त है। ये उद्देश्य शोषणकारी मानसिकता की श्रृंखला द्वारा अर्थव्यवस्था की मुक्ति के लिए सही पक्ष हैं, जिसने राष्ट्रों की जैव विविधता को नष्ट होने से बचाया है, संक्षेप में ये उद्देश्य इस प्रकार हैं –

  • पृथ्वी के संसाधनों के दुरुपयोग से बचना
  • नई वैज्ञानिक तकनीकों की खोज करें जो प्रकृति के अनुसार काम करती हैं।
  • विविधता की रक्षा करना और स्थानीय समुदायों को विकासात्मक नीतियों में शामिल करना।
  • शासन की संस्थाओं का विकेंद्रीकरण और उन्हें जनता के लिए अधिक लचीला, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना।
  • ऐसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की योजना बनाना जो गरीब देशों की जरूरतों को समझे बिना उनके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें विकास में मदद करना, समानता और न्याय के साथ अधिकांश लोगों के जीवन स्तर को समान करना।
  • दुनिया के सभी देशों में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बढ़ाना, क्योंकि केवल शांति ही मानवता के व्यापक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
  • सतत विकास एक मूल्य-आधारित अवधारणा है जो आदर्श सह-अस्तित्व और सभी के लिए सम्मान जैसे आदर्शों की मांग करता है। यह एक सतत विकास प्रक्रिया है जो सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय कारकों में सामंजस्य पर आधारित है।
  • धारण क्षमता या वहन क्षमता किसी विशेष संसाधन के भीतर जीवों की अधिकतम संख्या को बनाए रखने की क्षमता को संदर्भित करती है। इसलिए, वर्तमान की आवश्यकताओं को पारिस्थितिक तंत्र की क्षमता के साथ पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकताओं को पूरा करना है।

  • मानव पूंजी को भी दूसरे के समान ही माना जाता है। मानव पूंजी में विनियोग बढ़ने से उत्पादकता में वृद्धि होगी। जिसका क्रमिक विस्तार कम है –
    कौशल में विकास ,संसाधनों का समुचित उपयोग,उत्पादकता बढाओ

  • समावेशी विकास का अर्थ है समाज के सभी वर्गों तक संसाधनों और सुविधाओं की पहुँच।
  • समावेशी विकास समग्रता के साथ विकास की एक बहुआयामी अवधारणा है। यह बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसरों की उपलब्धता में सुधार करता है। गरीबी को कम करने के अलावा, इसका मुख्य आयाम न केवल राष्ट्रीय आय की उच्च विकास दर के समावेशी विकास को बढ़ाने की उम्मीद है।
  • नीमराना राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है। यहां किए गए लगभग सभी विकास कार्य स्थायी आर्थिक विकास मॉडल पर आधारित हैं।
  • वर्ष 2011- 12 के आर्थिक सर्वेक्षण में पहली बार, मॉडल विकास और जलवायु परिवर्तन का एक नया अध्याय जोड़ा गया।

  • आर्थिक विकास से संबंधित जनसांख्यिकीय संक्रमण की चार प्रमुख विशेषताएं हैं: –

  1. पहले चरण में, राज्य के विकास की कम स्थिति के कारण, मृत्यु दर उच्च बनी हुई है क्योंकि जन्म दर अधिक है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।
  2. दूसरे चरण में, विकास आगे बढ़ता है और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता है। इसलिए, जन्म दर उच्च होने के साथ मृत्यु दर घट जाती है।
  3. जब राज्य क्षोभ की स्थिति में विकसित होता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में अभूतपूर्व वृद्धि होती है। इसलिए, लोग जनसंख्या के प्रति बहुत सचेत हो जाते हैं और देश के घरेलू संसाधनों के अनुसार जनसंख्या बढ़ जाती है। इस प्रकार, कम दरों के साथ, कम मृत्यु दर आती है।
  4. चौथे चरण में, जनसंख्या स्थिरता की स्थिति आती है।

  • समावेशी नियम का अर्थ है कि समाज के सभी वर्गों को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं समान रूप से प्रदान की जाती हैं। सभी जिलों की प्रभावी जिला समितियों का गठन, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय में वृद्धि और मिड डे मील योजना को सशक्तिकरण प्रदान करना शासन का हिस्सा है। .न-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को बैंकिंग की अनुमति देने के लिए समावेशी शासन का हिस्सा नहीं माना जा सकता है।

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कृषि और संबंधित क्षेत्रों का महत्व :

  • कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
  • आज भी, भारतीय कृषि भारत के सकल रोजगार में लगभग आधा योगदान देता है, राष्ट्रीय आय का लगभग 1/6 (15-18%) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में लगभग 18 प्रतिशत (आयातों में लगभग 6 प्रतिशत और निर्यात में 12 प्रतिशत) का योगदान देता है।
  • यह देश की अधिकांश आबादी का बाहरी हिस्सा है।
  • वर्ष 2016-17 में, कृषि में लगभग 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, और 2013-14 में यह 3.0 प्रतिशत अनुमानित है।
  • वर्ष 2017-18 में सकल दानेदार उत्पादन 277.4 मिलियन टन था, जब तक कि रिकॉर्ड उच्चतम है।
  • इसमें 111 मिलियन टन चावल और 97 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन होता है।

 भारतीय कृषि की विशेषताएं

  • भारतीय कृषि अभी भी बहुत पिछड़ी अवस्था में है। आज भी किसान सहज तरीके से खेती कर रहे हैं।
  • भारत में कृषि की उत्पादकता बहुत काम की है।
  • भारत में, बेरोजगारी में बड़े पैमाने पर खोज की जाती है, जो किसानों के बीच गरीबी के प्रमुख कारणों में से एक है।

  • आज भी भारतीय कृषि अनिश्चित है जिसके कारण मौसम अच्छा होने पर फसल अच्छी होती है, जबकि प्रतिकूल मौसम के कारण भी फसल खराब हो जाती है।
  • छोटी खुशियाँ भी भारतीय कृषि की एक प्रमुख विशेषता हैं।
  • कुल राशि सीमा का 67.1 प्रतिशत सीमांत जोत (1 हेक्टेयर से कम) से कम है और 17.9 प्रतिशत का छोटा पैमाना एक हेक्टेयर है।

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Economic Survey 2019 Highlights [आर्थिक सर्वेक्षण 2019]: 10 जीके महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर https://sarkarinaukrihelp.com/economic-survey-2019-gk-question/ https://sarkarinaukrihelp.com/economic-survey-2019-gk-question/#respond Sat, 27 Jul 2019 04:31:03 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=3446 Economic Survey 2019दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सब छात्रों के लिए Economic Survey 2019 Highlights जो कि किसी भी एक दिवसीय परीक्षा के लिए GK Question  की तैयारी में काफी मदद करेगी जो अगामी आने वाली किसी भी एक दिवसीय परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है । हमारी टीम आपके लिए gk current affairs […]]]> Economic Survey 2019

दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सब छात्रों के लिए Economic Survey 2019 Highlights जो कि किसी भी एक दिवसीय परीक्षा के लिए GK Question  की तैयारी में काफी मदद करेगी जो अगामी आने वाली किसी भी एक दिवसीय परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है । हमारी टीम आपके लिए gk current affairs 2019 की पीडीएफ से भी अवगत् करायेगी जो भी छात्र किसी भी परीक्षा जैसे UPSC,State PCS या SSC CGL आदि की तैयारी कर रहे है उनके लिए भी यह 10 Important GK Question in Hindi  प्रश्न काफी उपयोगी होगी । आर्थिक सर्वेक्षण 2019 के मुख्य आकर्षण प्रश्न और उत्तर के रूप में कवर किए गए हैं। आइए हम इसके बारे में हम लोग व्याख्या के साथ पढ़ते है !

आर्थिक सर्वेक्षण 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया है। इसकी पीडीएफ फाइल भी डाउनलोड की जा सकती है और संपूर्ण आर्थिक सर्वेक्षण को विस्तार से देख सकते हैं।

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आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय का एक वार्षिक दस्तावेज है। यह अर्थव्यवस्था के विकास के साथ-साथ भारत सरकार की नीतिगत पहलों पर प्रकाश डालता है। इसे केंद्रीय बजट से एक दिन पहले संसद के दोनों सदन में पेश किया जाता है। भारत का पहला आर्थिक सर्वेक्षण 1950-51 में प्रस्तुत किया गया था।

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इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत के अनुसार, “आर्थिक सर्वेक्षण सरकार के लिए एक टेक्नोक्रेट की सलाह है। पूरे दस्तावेज़ के माध्यम से एक नज़र महत्वपूर्ण होगी क्योंकि यह उन समस्याओं का सुझाव देता है जो अर्थव्यवस्था का सामना कर रही हैं और उनके लिए संभावित समाधान हैं।” ।

  • आर्थिक सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, 2024-25 तक $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए जीडीपी विकास दर कितनी होनी चाहिए?
  1. 6%
  2. 7%
  3. 8%
  4. 9%

उत्तर:। 3 व्याख्या-  2024-25 तक $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए 8% की वास्तविक जीडीपी विकास दर की आवश्यकता है।

  • आत्मनिर्भर पुण्य चक्र के लिए प्रमुख घटक क्या हैं?
  1. डेटा को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना।
  2. नीति की निरंतरता सुनिश्चित करना।
  3. कानूनी सुधारों पर जोर देना।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर:। 4 स्पष्टीकरण: एक आत्मनिर्भर पुण्य चक्र के लिए मुख्य तत्व: डेटा को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना, कानूनी सुधारों पर जोर देना, नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करना, व्यवहार अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का उपयोग करके व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना, एमएसएमई को और अधिक नौकरियां पैदा करना और अधिक उत्पादक बनना, लागत को कम करना। पूँजी, निवेश के लिए जोखिम-वापसी व्यापार बंद को युक्तिसंगत बनाना।

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  • आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष २०१५ में सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि ……..
  1. 4%
  2. 5%
  3. 6%
  4. 7%

उत्तर:। 4  स्पष्टीकरण: सर्वेक्षण में 7% पर FY20 जीडीपी वृद्धि, अस्तबल मैक्रो पर उच्च विकास दिखाई देता है।

  • आर्थिक सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, 2018 के मध्य से, ग्रामीण वेतन वृद्धि का क्या हुआ?
  1. यह घटने लगा।
  2. यह बढ़ने लगा।
  3. ही रहता है
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर:। 2  स्पष्टीकरण: 2018 के मध्य से ग्रामीण मजदूरी वृद्धि शुरू हुई।

  • सर्वेक्षण के अनुसार, कई सामाजिक मुद्दों को हल करने का सबसे सरल तरीका है:
  1. व्यवहार में धीरे-धीरे बदलाव
  2. जनता की भलाई के लिए डेटा बनाया जाना चाहिए।
  3. A और B दोनों
  4. न तो 1 और न ही 2

उत्तर:। 1 :  स्पष्टीकरण: सर्वेक्षण का तर्क है कि कई सामाजिक मुद्दों को हल करने के लिए नग्न व्यवहार परिवर्तन सबसे सरल तरीका है

  • सर्वेक्षण के अनुसार, नीति बनाने की जरूरतें:
  1. क्लियर विजन
  2. रणनीतिक खाका
  3. निरंतर पुन: स्थापन के लिए सामरिक उपकरण
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर:। 4 – स्पष्टीकरण: शीर्ष नीति निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्रवाई पूर्वानुमेय हो। नीति निर्धारण की जरूरत है: स्पष्ट दृष्टि, रणनीतिक खाका, निरंतर पुनरावृत्ति के लिए सामरिक उपकरण।

  • सर्वेक्षण के अनुसार, FY19 में सामान्य राजकोषीय घाटा क्या है?
  1. 5%
  2. 5.2%
  3. 5.6%
  4. 5.8%

उत्तर:। 4  :स्पष्टीकरण: वित्त वर्ष 18 में वित्त वर्ष 19 VS 6.4% में सामान्य राजकोषीय घाटा 5.8% देखा गया।

  • सर्वेक्षण के अनुसार, FY20 में, तेल की कीमतों का क्या होगा?
  1. वृद्धि
  2. अस्वीकार
  3. ही रहता है
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर:। 2  स्पष्टीकरण: वित्त वर्ष 2015 में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई।

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  • सर्वेक्षण के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
  1. राष्ट्रीय कुल प्रजनन दर 2021 तक प्रतिस्थापन दर से नीचे रहने की उम्मीद है।
  2. 2021-31 के दौरान प्रति वर्ष लगभग 9.7mn और 2031-41 के दौरान 4.2mn प्रति वर्ष बढ़ने वाली कार्यशील जनसंख्या।
  3. राज्यों को नए निर्माण करने के बजाय उन्हें व्यवहार्य बनाने के लिए स्कूलों को समेकित / विलय करने की आवश्यकता है।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर:। 4 : व्याख्या: 2014 में भारत की जनसांख्यिकी: २१ वीं सदी के लिए सार्वजनिक सार्वजनिक प्रावधान की योजना: राष्ट्रीय कुल प्रजनन दर 2021 तक प्रतिस्थापन दर से नीचे रहने की उम्मीद है, 2021-31 और 4.2mn प्रति वर्ष के दौरान प्रति वर्ष लगभग 9.7mn वर्ष की आयु के साथ काम करने की आयु जनसंख्या 2031-41 के दौरान, अगले दो दशकों में प्राथमिक स्कूल जाने वाले बच्चों (5-14 आयु वर्ग) में महत्वपूर्ण गिरावट देखी जा सकती है, राज्यों को नए लोगों का निर्माण करने के बजाय उन्हें स्कूल बनाने के लिए समेकित / विलय करने की आवश्यकता है।

  • सर्वेक्षण के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन का विश्लेषण है:
  1. 100% व्यक्तिगत घराने लैट्रिन (IHHL) 30 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में कवरेज।
  2. 93.1% घरों में शौचालय है।
  3. 96.5% शौचालय वाले लोग ग्रामीण भारत में इनका उपयोग कर रहे हैं।
  4. उपरोक्त सभी

उत्तर:। 4

स्पष्टीकरण: स्वच्छ भारत मिशन का विश्लेषण:
– स्वच्छ भारत मिशन (SBM) द्वारा लाया जाने वाला स्वास्थ्य लाभ
– 93.1% घरों में शौचालय है।
– 96.5% शौचालय वाले लोग ग्रामीण भारत में इनका उपयोग कर रहे हैं।
– 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 100% व्यक्तिगत घराना लैटरीन (IHHL) कवरेज।
– एक घरेलू शौचालय से वित्तीय बचत घर की वित्तीय लागत औसत से 1.7 गुना और सबसे गरीब परिवारों के लिए 2.4 गुना से अधिक है।
– दीर्घकालिक में स्थायी सुधार के लिए पर्यावरण और जल प्रबंधन मुद्दों को एसबीएम में शामिल करने की आवश्यकता है।

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Baudh Dharm ka Itihas – Baudh Dharm Kya Hai? – बौद्ध धर्म का इतिहास एवं प्रश्न-उत्तर https://sarkarinaukrihelp.com/baudh-dharm-ka-itihas/ https://sarkarinaukrihelp.com/baudh-dharm-ka-itihas/#respond Wed, 24 Jul 2019 03:05:03 +0000 https://sarkarinaukrihelp.com/?p=3430 Baudh Dharm ka ItihasBaudh Dharm History in Hindi PDF डाउनलोड करें – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सब छात्रों के लिए Baudh Dharm Kya Hai? जैसा कि आप लोग जानते है कि Baudh Dharm ka Itihas  और Jain Dharma ka Itihas, History GK के महत्वूर्ण टापिकों में से एक है।इसके बारे में आप लोगो को […]]]> Baudh Dharm ka Itihas

Baudh Dharm History in Hindi PDF डाउनलोड करें – दोस्तों आज Sarkari Naukri Help की टीम आप सब छात्रों के लिए Baudh Dharm Kya Hai? जैसा कि आप लोग जानते है कि Baudh Dharm ka Itihas  और Jain Dharma ka Itihas, History GK के महत्वूर्ण टापिकों में से एक है।इसके बारे में आप लोगो को विस्तारे से बतायेंगे जिसमे की बौद्ध धर्म का इतिहास एवं प्रश्न-उत्तर भी होगे जो कि परीक्षा की द्रष्टि से काफी उपयोगी है किसी भी एक दिवसीय परीक्षा में बौद्ध धर्म से अक्सर प्रश्न पूछें जाते है उसी को ध्यान में रखकरBaudh Dharm History in Hindi PDF तैयार की गई है

बौद्ध धर्म का इतिहास – Baudh Dharm ka Itihas
बौद्ध धर्म महत्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं – Baudh Dharm Kya Hai?

  • जन्म-563 ई० में कपिलवस्तु में (नेपाल की तराई में स्थित)
  • मृत्यु-483 ई० में कुशीनारा में (देवरिया उ० प्र०)
  • ज्ञान प्राप्ति -बोध गया।
  • प्रथम उपदेश-सारनाथ स्थित मृगदाव में

गौतम बुद्ध की जीवनी
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बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध का जन्म नेपाल की तराई में अवस्थित कपिलवस्तु राज्य में स्थित लुम्बिनी वन में 563 ई० पू० में हुआ था। इनका बचपन का नाम सिद्धार्थ था। कपिलवस्तु शाक्य गणराज्य की राजधानी थी तथा गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन यहाँ के राजा थे।

जन्म के सातवें दिन गौतम बुद्ध की माता महामाया का देहान्त हो गया। इनका पालन पोषण इनकी मौसी महाप्रजापति गौतमी ने किया। गौतम के जन्म पर कालदेवल एवं ब्राह्मण कौण्डिन्य ने भविष्यवाणी की थी कि यह बालक आगे चलकर चक्रवर्ती सम्राट या सन्यासी होगा।

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16 वर्ष की अवस्था में इनका विवाह यशोधरा (कहीं-कहीं इनके अन्य नाम गोपा, बिम्ब, भद्रकच्छा मिलता है) से हो गया। कालान्तर में इनका एक पुत्र हुआ जिसका नाम राहुल रखा गया। सांसारिक दु:खों के प्रति चिंतनशील सिद्धार्थ को वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं लगा। गौतम सिद्धार्थ के मन में वैराग्य भाव को प्रबल करने वाली चार घटनायें अत्यन्त प्रसिद्ध हैं।

  • नगर भ्रमण करते समय गौतम को सबसे पहले मार्ग में जर्जर शरीर वाला वृद्ध
  • फिर रोगग्रस्त व्यक्ति तत्पश्चात
  • मृतक और अन्त में
  • एक वीतराग प्रसन्नचित सन्यासी के दर्शन हुए।

इन दृश्यों ने उनके सांसारिक वितृष्णा के भाव को और मजबूत कर दिया।
गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • उनतीस वर्ष की आयु में सिद्धार्थ गौतम ने ज्ञान प्राप्ति के लिए गृहत्याग कर दिया।
  • गृहत्याग के पश्चात उन्होंने 7 दिन अनूपिय नामक बाग में बिताया तत्पश्चात वे राजगृह पहुँचे।।
  • कालान्तर में वे आलार कालाम नामक तपस्वी के संसर्ग में आए।
  • पुन: रामपुत्त नामक एक अन्य आचार्य के पास गए। परन्तु उन्हें संतुष्टि नहीं प्राप्त हुई।
  • आगे बढ़ते हुए गौतम उरुवेला पहुँचे यहाँ उन्हें कौण्डिन्य आदि 5 ब्राह्मण मिले।
  • इनके साथ कुछ समय तक रहे परन्तु इनका भी साथ इन्होंने छोड़ दिया।
  • सात वर्ष तक जगह-जगह भटकने के पश्चात अन्त में गौतम सिद्धार्थ गया पहुँचे।
  • यहाँ उन्होंने निरंजना नदी में स्नान करके एक पीपल के वृक्ष के नीचे समाधि लगाई।
  • यहीं आठवें दिन वैशाख पूर्णिमा पर गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ।
  • इस समय इनकी उम्र 35 वर्ष थी। उस समय से वे बुद्ध कहलाए।

महात्मा गौतम बुद्ध के प्रमुख शिष्य के बारें में –

  • आनन्द-यह महात्मा बुद्ध के चचेरे भाई थे।
  • सारिपुत्र-यह वैदिक धर्म के अनुयायी ब्राह्मण थे तथा महात्मा बुद्ध के व्यक्तित्व एवं लोकोपकारी धर्म से प्रभावित होकर बौद्ध भिक्षु हो गये थे।
  • मौद्गल्यायन-ये काशी के विद्वान थे तथा सारिपुत्र के साथ ही बौद्ध धर्म में दीक्षित हुए थे।
  • उपालि
  • सुनीति
  • देवदत्त-यह बुद्ध के चचेरे भाई थे।
  • अनुरुद्ध-यह एक अति धनाढ्य व्यापारी का पुत्र था।
  • अनाथ पिण्डक-यह एक धनी व्यापारी था। इसने जेत कुमार से जेतवन खरीदकर बौद्ध संघ को समर्पित कर दिया था।

बौद्ध धर्म के सिद्धान्त :

  • महात्मा बुद्ध एक व्यावहारिक धर्म सुधारक थे। उन्होंने भोग विलास और शारीरिक पीड़ा इन दोनों को ही चरम सीमा की वस्तुएँ कहकर उनकी निंदा की ओर उन्होंने मध्यम मार्ग का अनुसरण करने पर जोर दिया। बौद्ध धर्म का विशद ज्ञान हमें त्रिपिटकों से होता है जो पालि भाषा में लिखे गये हैं।

चार आर्य सत्य:

  • दुःख–बौद्ध धर्म दु:खवाद को लेकर चला। महात्मा बुद्ध का कहना था कि यह संसार दुःख से व्याप्त है।
  • दुःख समुदाय-दु:खों के उत्पन्न होने के कारण हैं। इन कारणों को द:ख समुदाय के अन्तर्गत रखा गया है। सभी कारणों का मूल है तृष्णा। तृष्णा से आसक्ति तथा राग का जन्म होता है। रूप, शब्द, गंध, रस तथा मानसिक तर्क-वितर्क आसक्ति के कारण हैं।
  • दुःख निरोध-दु:ख निरोध अर्थात् दु:ख निवारण के लिए तृष्णा का उच्छेद या उन्मूलन आवश्यक है। रूप वेदना, संज्ञा, संस्कार और विज्ञान का निरोध ही दु:ख का निरोध है।
  • दुःख निरोध गामिनी-प्रतिपदा-इसे अष्टांगिक मार्ग भी कहते हैं। यह दु:ख निवारण का उपाय है।

ये आठ मार्ग निम्नलिखित हैं 

  • सम्यक दृष्टि
  • सम्यक् संकल्प
  • सम्यक् कर्म
  • सम्यक् आजीव
  • सम्यक् वाणी
  • सम्यक् स्मृति
  • सम्यक् समाधि

इन अष्टांगिक मार्गों के अनुशीलन से मनुष्य निर्वाण प्राप्ति की ओर अग्रसर होता है।

दस शील:

  • अहिंसा
  • सत्य
  • अस्तेय (चोरी न करना)
  • धन संचय न करना
  • व्यभिचार न करना
  • असमय भोजन न करना
  • सुखप्रद बिस्तर पर न सोना
  • धन संचय न करना
  • स्त्रियों का संसर्ग न करना
  • मद्य का सेवन न करना।
कर्म

बौद्ध धर्म-कर्म प्रधान धर्म है। जो मनुष्य सम्यक् कर्म करेगा वह निर्वाण का अधिकारी होगा।

प्रयोजनवाद 

महात्मा बुद्ध नितान्त प्रयोजनवादी थे। उन्होंने अपने को सांसारिक विषयों तक ही सीमित रखा। उन्होंने पुराने समय से चले आ रहे आत्मा और ब्रह्म सम्बन्धी वाद-विवाद में अपने को नहीं उलझाया।

अनीश्वरवाद

बौद्ध धर्म निरीश्वरवादी है वह सृष्टि कर्ता ईश्वर को नहीं स्वीकार करता है। बौद्ध धर्म वेद को प्रमाण वाक्य एवं देव वाक्य नहीं मानता है।

अनात्मवाद

बौद्ध धर्म में आत्मा की परिकल्पना नहीं है। अनात्मवाद के सिद्धान्त के अन्तर्गत यह मान्यता है कि व्यक्ति में जो आत्मा है वह उसके अवसान के साथ ही समाप्त हो जाती है। आत्मा शाश्वत या चिरस्थायी नहीं है।

पुनर्जन्म का सिद्धान्त

बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है । बौद्ध धर्म कर्म के फल में विश्वास करता है। अपने कर्मों के फल से ही मनुष्य अच्छा-बुरा जन्म पाता है।

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प्रतीत्य समुत्पाद

इसे कारणता का सिद्धान्त भी कहते हैं। प्रतीत्य (इसके होने से) समुत्पाद (यह उत्पन्न होता है)। अर्थात् जगत में सभी वस्तुओं का अथवा कार्य का कारण है। बिना कारण के कार्य की उत्पत्ति नहीं हो सकती।

निर्वाण

मनुष्य के जीवन का चरम लक्ष्य है निर्वाण प्राप्ति । निर्वाण से तात्पर्य है जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाना। बौद्ध धर्म के अनुसार निर्वाण इसी जन्म से प्राप्त हो सकता है किन्तु महापरिनिर्वाण मृत्यु के पश्चात ही सम्भव है।

बौद्ध संघ 
  • बौद्ध धर्म के त्रिरत्नों बुद्ध, धम्म और संघ में संघ का स्थान महत्वपूर्ण था।
  • सारनाथ में मृगदाव में धर्म का उपदेश देने के पश्चात 5 शिष्यों के साथ बुद्ध ने संघ की स्थापना की।
  • बौद्ध संघ का संगठन गणतांत्रिक आधार पर हुआ था।
  • संघ में प्रविष्ट होने को उपसम्पदा कहा जाता था।
  • भिक्षु लोग वर्षा काल को छोड़कर शेष समय धर्म का उपदेश देने के लिए भ्रमण करते रहते थे।
  • संघ का द्वार सभी लोगों के लिए खुला था।
  • जाति सम्बन्धी कोई प्रतिबन्ध नहीं थे। बाद में बुद्ध ने अल्पवयस्क,चोर, हत्यारों, ऋणी व्यक्तियों, राजा के सेवक, दास तथा रोगी व्यक्ति का संघ में प्रवेश वर्जित कर दिया।
  • कठोर नियम का पालन करते हुए भिक्षु कासाय (गेरुआ) वस्त्र धारण करते थे।
  • अपराधी भिक्षुओं को दण्ड देने का भी विधान था।
  • संघ की कार्यवाही एक निश्चित विधान के आधार पर चलती थी। संघ की सभा में प्रस्ताव (नत्ति) का पाठ (अनुसावन) होता था।
  • प्रस्ताव पर मतभेद होने की स्थिति में अलग अलग रंग की शलाका द्वारा लोग अपना मत पक्ष या विपक्ष में प्रस्तुत करते थे।
  • सभा में बैठने की व्यवस्था करने वाला अधिकारी आसन प्रज्ञापक होता था।
  • सभा के वैध कार्रवाई के लिए न्यूनतम उपस्थिति संख्या (कोरम) 20 थी।
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बौद्ध धर्म के सम्प्रदाय 

प्रथमबौद्ध संगीति में रुढ़िवादियों की प्रधानता थी, इन्हें स्थविर (रुढ़िवादी) कहा गया।

महासांघिक तथा थेरवाद 
  • द्वितीय बौद्ध संगीति में भिक्षुओं के दो गुटों में तीव्र मतभेद उभर पड़े।
  • एक पूर्वी गुट जिसमें वैशाली तथा मगध के भिक्षु थे और दूसरा था पश्चिमी गुट जिसमें कौशाम्बी, पाठण और अवन्ती के भिक्षु थे।
  • पूर्वी गुट के लोग जिन्होंने अनुशासन के दस नियमों को स्वीकार कर लिया था महासांघिक या अचारियावाद कहलाये तथा पश्चिमी लोग थेरवाद कहलाये।।
  • महासांघिक या थेरवाद हीनयान से ही सम्बन्धित थे।
  • थेरवाद का महत्वपूर्ण सम्प्रदाय सर्वास्तिवादियों का था, जिसकी स्थापना राहुलभद्र ने की थी।
  • शुरू में इसका केंद्र मथुरा में था, वहाँ से यह गांधार तथा उसके पश्चात कश्मीर पहुँचा।।
  • महासांघिक समुदाय दूसरी परिषद के समय बना था।
  • इसकी स्थापना महाकस्सप ने की थी।
  • शुरू में यह वैशाली में स्थित था, उसके पश्चात यह उत्तर भारत में फैला ।
  • बाद में यह आन्ध्र प्रदेश में फैला जहाँ अमरावती और नागार्जुन कोंडा इसके प्रमुख केन्द्र थे।
  • थेरवादियों के सिद्धान्त ग्रन्थ संस्कृत में हैं, किन्तु महासंघकों के ग्रन्थ प्राकृत में है।
  • थेरवाद कालान्तर में महिशासकों एवं वज्जिपुत्तकों में विभाजित हो गया।
  • महिशासकों के भी दो भाग हो गए- सर्वास्तिवादी एवं धर्मगुप्तिक।
  • कात्यायनी नामक एक भिक्षु ने कश्मीर में सर्वास्तिवादियों के अभिधम्म का संग्रह किया एवं उसे आठ खण्डों में क्रमबद्ध किया।
हीनयान एवं महायान
  • कनिष्क के समय चतुर्थ बौद्ध संगीति में बौद्ध धर्म स्पष्टत: दो सम्प्रदायों में विभक्त हो गया : (1) हीनयान (2) महायान
हीनयान
  • हीनयान ऐसे लोग जो बौद्ध धर्म के प्राचीन सिद्धान्तों को ज्यों का त्यों बनाये रखना चाहते थे तथा परिवर्तन के विरोधी थे हीनयानी कहलाये।
  • हीनयान में बुद्ध को एक महापुरुष माना गया। हीनयान एक व्यक्तिवादी धर्म था, इसका कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने प्रयत्नों से ही मोक्ष प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए। |
  • हीनयान मूर्तिपूजा एवं भक्ति में विश्वास नहीं करता।
  • हीनयान भिक्षु जीवन का हिमायती है।
  • हीनयान का आदर्श है अर्हत पद को प्राप्त करना या निर्वाण प्राप्त करना।
  • परन्तु इनका मत है कि निर्वाण के पश्चात पुनर्जन्म नहीं होता।

हीनयान सम्प्रदाय के अन्तर्गत सम्प्रदाय है कालान्तर में हीनयान सम्प्रदाय के अन्तर्गत दो सम्प्रदाय बन गये

(1) वैभाषिक – इस मत की उत्पत्ति मुख्यतः कश्मीर में हुई थी। यह सम्प्रदाय बाह्य वस्तु के अस्तित्व को स्वीकार करता है। यह प्रत्यक्ष को ही केवल प्रमाण मानता है। इस मत को बाह्य प्रत्यक्षवाद भी कहते हैं। धर्मत्रात, द्योतक, वसुमित्र, बुद्ध देव आदि वैभाषिक मत के प्रमुख आचार्य हैं।

(2) सौत्रान्तिक – यह सुत्त पिटक पर आधारित सम्प्रदाय है। इसमें ज्ञान के अनेक प्रमाण स्वीकार किये गये हैं। यह बाह्य वस्तु के साथ-साथ चित्र की भी सत्ता स्वीकार करता है। ज्ञान के भिन्न-भिन्न प्रमाण होते हैं।

महायान
  • महायान सम्प्रदाय बुद्ध को देवता के रूप में स्वीकार करता है।
  • महायान सिद्धान्तों के अनुसार बुद्ध मानव के दु:खत्राता के रूप में अवतार लेते रहे हैं।
  • इनका अगला अवतार मैत्रेय के नाम से होगा।
  • अतः इनकी तथा बोधिसत्वों की पूजा प्रारम्भ हो गयी।
  • महायान सम्प्रदाय का प्राचीनतम ग्रन्थ ‘ललित विस्तार’ है।
  • बोधिसत्व – निर्वाण प्राप्त करने वाले वे व्यक्ति, जो मुक्ति के बाद भी मानव जाति को उसके दुःखों से छुटकारा दिलाने के लिए प्रयत्नशील रहते थे, बोधिसत्व कहे गये। बोधिसत्व में करुणा तथा प्रज्ञा होती है।
  • महायान में समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए परसेवा तथा परोपकार पर बल दिया गया।
  • महायान मूर्तिपूजा तथा पुनर्जन्म में आस्था रखता है।
  • महायान के सिद्धान्त सरल एवं सर्वसाधारण के लिए सुलभ हैं यह मुख्यत: गृहस्थ धर्म है।

महायान सम्प्रदाय के अन्तर्गत सम्प्रदाय 

माध्यमिक (शून्यवाद)
  • इस मत का प्रवर्तन नागार्जुन ने किया था। इनकी प्रसिद्ध रचना ‘माध्यमिककारिका’ है।
  • यह मत सापेक्ष्यवाद भी कहलाता है।
  • नागार्जुन, चन्द्रकीर्ति, शान्ति देव, आर्य देव, शान्ति रक्षित आदि इस सम्प्रदाय के प्रमुख भिक्षु थे।
विज्ञानवाद (योगाचार) 

  • मैत्रेय या मैत्रेयनाथ ने इस सम्प्रदाय की स्थापना ईसा की तीसरी शताब्दी में की थी।
  • इसका विकास असंग तथा वसुबन्धु ने किया था।
  • यह मत चित्त या विज्ञान की ही एकमात्र सत्ता स्वीकार करता है जिससे इसे विज्ञानवाद कहा जाता है।
  • चित्त या विज्ञान के अतिरिक्त संसार में किसी भी वस्तु को अस्तित्व नहीं है।

बज्रयान

  1. बज्रयान सम्प्रदाय का आविर्भाव हर्षोत्तर काल की बौद्ध धर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी।
  2. बौद्ध धर्म के इस सम्प्रदाय में स्त्रोतों, स्तवों, अनेक मुद्राओं अर्थात स्थितियों, मंडलों अर्थात रहस्यमय रेखांकृतियों, क्रियाओं अर्थात अनुष्ठानों और संस्कारों तथा चर्याओं अर्थात ध्यान के अभ्यासों एवं व्रतों द्वारा इसे रहस्य का आवरण पहना दिया गया।
  3. जादू, टोना, झाड़-फूक, भूत-प्रेत और दानवों तथा देवताओं की पूजा ये सब बौद्ध धर्म के अंग बन गए।

बौद्ध धर्म की विशेषताएं और उसके प्रसार के कारण 

  • बौद्ध धर्म ने ईश्वर और आत्मा के अस्तित्व को अस्वीकार कर दिया।
  • यह वेद को प्रमाण वाक्य नहीं माना। अत: बौद्ध धर्म में दार्शनिक वाद-विवाद की कठोरता नहीं थी।
  • इसमें वर्णभेद के लिए कोई स्थान नहीं था, इसलिए इसे निम्न जाति के लोगों का विशेष समर्थन मिला।
  • स्त्रियों को भी संघ में स्थान मिला। अतः इससे बौद्ध धर्म का प्रचार होने में मदद मिली।
  • बुद्ध के व्यक्तित्व एवं उनकी उपदेश पद्धति ने धर्मप्रचार में उन्हें बड़ी मदद दी।
  • आम जनता की भाषा पालि ने भी बौद्ध धर्म के प्रसार में योग दिया।
  • संघ के संगठित प्रयास से भी धर्म-प्रचार एवं प्रसार में सहयोग मिला।

बौद्ध धर्म के ह्रास के कारण 

  • ईसा की बारहवीं सदी तक बौद्ध धर्म भारत में लुप्त हो चुका था।
  • बारहवीं सदी तक यह धर्म बिहार और बंगाल में जीवित रहा, किन्तु उसके बाद यह देश से लुप्त हो गया।
  • ब्राह्मण धर्म की जिन बुराइयों का बौद्ध धर्म ने विरोध किया था अंतत: यह उन्हीं से ग्रस्त हो गया।
  • भिक्षु धीरे-धीरे आम जनता के जीवन से कट गए। इन्होंने पालि भाषा को त्याग दिया तथा संस्कृत भाषा अपना लिया।
  • धीरे-धीरे बौद्ध बिहार विलासिता के केन्द्र बन गए। ईसा की पहली सदी से बौद्ध धर्म में मूर्तिपूजा की शुरुआत हुई तथा उन्हें भक्तों, राजाओं से विपुल दान मिलने लगे।
  • कालान्तर में बिहार ऐसे दुराचार के केन्द्र बन गए | जिनका बुद्ध ने विरोध किया था। मांस, मदिरा, मैथुन, तंत्र, यंत्र आदि का समर्थन करने वाले इस नए मत को वज्रयान कहा गया।
  • बिहारों में स्त्रियों को रखे जाने के कारण उनका और नौतिक पतन हुआ।
  • बिहारों में एकत्रित धन के कारण तुर्की हमलावर इन्हें ललचायी नजर से देखने लग गए तथा बौद्ध बिहार विशेष रूप से हमलों के शिकार हो गए।
  • इस प्रकार बारहवीं सदी तक बौद्ध धर्म अपनी जन्म भूमि से लगभग लुप्तप्राय हो चला था।

बौद्ध धर्म का महत्व और प्रभाव 

  • बौद्ध काल में कृषि, व्यापार, उद्योग-धन्धों में उन्नति के कारण कुलीन लोगों के पास अपार धन एकत्रित हो गया था फलत: समाज में बड़ी सामाजिक एवं आर्थिक असमानताएं पैदा हो गयी। थीं।
  • बौद्ध धर्म ने धन संग्रह न करने का उपदेश दिया बुद्ध ने कहा था कि किसानों को बीज और अन्य सुविधायें मिलनी चाहिए, व्यापारी को धन मिलना चाहिए तथा मजदूर को मजदूरी मिलनी चाहिए इससे बुराइयों को दूर करने में मदद मिलेगी।
  • भिक्षुओं के लिए निर्धारित आचार संहिता ईसा पूर्व छठीं सदी में उत्तर-पूर्वी भारत में प्रकट हुए मुद्रा प्रचलन, निजी सम्पत्ति, और विलासिता के प्रति आंशिक विद्रोह का परिचायक है।
  • बौद्ध धर्म ने स्त्रियों एवं शूद्रों के लिए अपने द्वार खुले रखे। बौद्ध धर्म में दीक्षित होने पर उन्हें हीनताओं से मुक्ति मिल गयी थी अहिंसा पर बल देने से गोधन की वृद्धि हुई।
  • बौद्ध धर्म ने अपने लेखन से पालि भाषा को समृद्ध किया। बौद्ध धर्म के आधार ग्रन्थ त्रिपिटक पालि भाषा में है ये हैं (1) सुत्त पिटक- बुद्ध के उपदेशों का संकलन (2) विनय पिटक-भिक्षु संघ के नियम (3) अभिधम्मपिटक–धम्म सम्बन्धी दार्शनिक विवेचन।।
  • शैक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला, बिहार में नालन्दा तथा विक्रमशिला और गुजरात में वल्लभी प्रमुख विद्या केन्द्र थे।
  • कला के विकास में बौद्ध धर्म ने अपना अमूल्य योगदान दिया।
  • बुद्ध सम्भवतः पहले मानव थे जिनकी मूर्ति बनाकर पूजा की गयी।
  • ईसा की पहली सदी से बुद्ध की मूर्ति बनाकर पूजा की जाने लगी।
  • चैत्य, स्तूप इत्यादि कलात्मक गतिविधियों के प्रमुख आयाम रहे ।
  • गांधार कला में बौद्ध धर्म केन्द्रीय तत्व था।
  • बौद्ध धर्म के प्रभाव में गुफा स्थापत्य की भी शुरुआत हुई।

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GK Quiz on Ancient Indian History  – आज Sarkari Naukri Help टीम आप सब छात्रों के लिए history gk से संबन्धित कुछ महत्वपूर्ण history gk questions जो की जैन धर्म एवं तीर्थंकर पर आधारित है और अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे की SSC,Railways,UPSC,UPPCS,UPSSSC-Junior Assistant/VDO/Lekhpal के लिए काफी उपयोगी सिद्ध होगी।ये सभी प्रश्न वास्तुनिष्ठ प्रकार के है।

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Ancient History General Knowledge Questions and Answers

1. जैन साहित्य में, निम्नलिखित में से किस तीर्थंकर को प्रजापति, आदिब्रह्म और आदिनाथ के नाम से भी जाना जाता है?

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  1. Rishabhnath
  2. अजितनाथ
  3. सम्भव नाथ
  4. अभिनंदन नाथ

2. ऋषभनाथ को आद्यब्रह्म भी क्यों कहा जाता है?

  1. ऊँचाई के कारण
  2. पहले मोक्ष मार्ग बताने के लिए
  3. धार्मिक रूपांतरण
  4. आजीविका का मार्ग दिखा रहा है

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3. निम्नलिखित में से कौन सा चिन्ह ऋषभनाथ तीर्थंकर के दाहिने पैर में लगा था?

  1. गाय
  2. बुल
  3. हाथी
  4. टाइगर

4. ऋषभनाथ तीर्थंकर को उनके दाहिने पैर के निशान के कारण क्या नाम दिया गया था?

  1. हिरण्यगर्भ
  2. प्रजापति
  3. रिषभ
  4. वृहद देवा

5. ऋषभनाथ तीर्थंकर के पिता का नाम क्या था?

  1. निर्भया
  2. संभवनाथ
  3. सूमितनाथ
  4. वासुपूज्य

6. ऋषभनाथ तीर्थंकर को उनके पिता नभिराय के कारण क्या नाम दिया गया था?

  1. धर्म नाथ
  2. अनंतनाथ
  3. चन्द्र प्रभु
  4. नाभिसुनु

7. ऋषभनाथ की माता का नाम क्या था?

  1. तारा
  2. श्रेमेष्ठा
  3. मरुदेवी
  4. अनुराधा

8. निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षा लोगों को ऋषभनाथ द्वारा युग की शुरुआत से पहले दी गई थी?

  1. कृषि
  2. मासी
  3. असी
  4. उपरोक्त सभी

9. मासी का अर्थ क्या है?

  1. टीचिंग
  2. रक्षा
  3. कृषि
  4. व्यापार

10. एक युग शुरू करने से पहले, ऋषभनाथ द्वारा कृषि, स्याही, तलवार, शिल्प और सेवा के अलावा अंतिम कर्म क्या दिया गया था?

  1. व्यापार
  2. मत्स्य
  3. युद्ध
  4. उपरोक्त सभी

11. अजितनाथ तीर्थंकर का जन्म कहाँ हुआ था?

  1. अयोध्या
  2. किष्किन्धा
  3. नासिक
  4. उज्जैन

12. अपने पिछले जीवन में अजितनाथ तीर्थंकर कौन थे?

  1. सिद्धार्थ
  2. महाराज विमलवाहन
  3. महावीर
  4. उपरोक्त में से कोई नहीं

13. तीर्थंकर अजितनाथ किसके प्रभाव से अलग हो गए थे?

  1. पदप्रभु
  2. आचार्य अरिदमन
  3. अरनाथ
  4. नेमिनाथ

14. अपने पुण्य कर्मों के कारण अजितनाथ तीर्थंकर किसके गर्भ से पैदा हुए थे?

  1. विजया ने
  2. तारा
  3. शर्मिष्ठा
  4. गीता

15. अजितनाथ तीर्थंकर का वैवाहिक जीवन कैसा था?

  1. सामान्य
  2. अच्छा है
  3. वेरी गुड
  4. बहुत बुरा

16. अजितनाथ तीर्थंकर कितने वर्षों तक कठोर तपस्या करते हैं?

  1. दस
  2. बारह
  3. चौदह
  4. सोलह

17. अजितनाथ तीर्थंकर के धार्मिक परिवार में कितने गणधर थे?

  1. 80
  2. 85
  3. 90
  4. 95

18. अजितनाथ तीर्थंकर के धार्मिक परिवार में भिक्षुओं की संख्या कितनी थी

  1. 50 हजार
  2. एक लाख
  3. एक लाख पचास हजार
  4. दो लाख

19. अजितनाथ तीर्थंकर के पिता का नाम क्या था?

  1. जितशत्रु
  2. मल्लीनाथ
  3. पार्श्वनाथ
  4. नेमिनाथ

20. अजितनाथ तीर्थंकर का जन्म शुक्ल पक्ष के किस हिंदू महीने में हुआ था?

  1. माघ
  2. चैत्र
  3. अश्विन ने
  4. ज्येष्ठा

21. किस तीर्थंकर के बाद, सम्भवनाथ तीर्थंकर का जन्म हुआ था?

  1. Rishabnath
  2. अजितनाथ
  3. अभिनंदन
  4. Padyaprabhu

22. राजा विपुलवाहन ने सांसारिक जीवन के लिए घृणा क्यों विकसित की?

  1. पत्नी के कारण
  2. बेटे की वजह से
  3. अकाल के कारण
  4. विषयों के कारण

23. राजा विपुलवाहन कौन थे

  1. सम्भवनाथ के पिता
  2. सम्भवनाथ के भाई
  3. सम्भवनाथ का मित्र
  4. सम्भवनाथ के गुरु

24. सम्भवनाथ ने कितने वर्षों के अभ्यास के बाद केवल्य ज्ञान प्राप्त किया और धरमतीर्थ का गठन किया?

  1. 10
  2. 12
  3. 14
  4. 16

25. सम्भवनाथ तीर्थंकर का प्रतीक क्या था?

  1. हाथी
  2. गाय
  3. घोड़ा
  4. कछुआ

26. सम्भवनाथ तीर्थंकर के प्रतीक अश्व का क्या अर्थ था?

  1. गति
  2. संयमित हृदय
  3. गुस्सा
  4. आकर्षण

27. घोड़े की नैतिकता क्या है?

  1. शील
  2. संयम
  3. ज्ञान
  4. ऊपर के सभी

28. युवावस्था के दौरान, मध्ययुगीन बादलों के फैलाव को देखते हुए संभनाथ तीर्थंकर ने क्या महसूस किया?

  1. एकजुटता
  2. वैराग्य
  3. खुश
  4. उदास

29. सम्भवनाथ तीर्थंकर के धार्मिक परिवार में कितने गणधर थे?

  1. 95
  2. 105
  3. 115
  4. 125

30. जैन शास्त्र के अनुसार, मन्नो सहसिसो भीम-

  1. सिद्ध
  2. एक सी साहू
  3. Namorhastiadheybahhy
  4. दुरथासो परिधावद

31. अभिन्नानंद तीर्थंकर किस वंश में पैदा हुए थे?

  1. इक्ष्वाकु वंश
  2. नंद वंश
  3. गुलाम वंश
  4. दुगुवा वंश

32. नक्षत्र (नक्षत्र) में अभिनंदननाथ तीर्थंकर का जन्म कैसे हुआ?

  1. सतभिषा नक्षत्र
  2. धनिष्ठा
  3. श्रावण
  4. पुनर्वसु

33. अभिनन्दनाथ तीर्थंकर की माता का नाम क्या था

  1. विजया
  2. तारा
  3. सिद्धार्थ देवी
  4. Marudevi

34. अभिनन्दनाथ तीर्थंकर के पहले गांधार का नाम क्या था?

  1. बज्रनाथ
  2. विपुल
  3. चन्द्र प्रभु
  4. वासु

35. अभिनंदननाथ तीर्थंकर ने दीक्षा प्राप्त करने के कितने दिनों के बाद पहला परनाला शुरू किया?

  1. एक
  2. दो
  3. तीन
  4. चार

36. दीक्षा प्राप्त होने के बाद, अभिनन्दनाथ तीर्थंकर ने किस भोजन के साथ पहला परना शुरू किया?

  1. दूध
  2. खीर
  3. पानी
  4. दही

37. अभिनन्दनाथ तीर्थंकर के गंधारों की संख्या कितनी थी?

  1. 112
  2. 114
  3. 116
  4. 118

38. दीक्षा प्राप्त होने के बाद, किस वृक्ष के तहत अभिनंदननाथ तीर्थंकर ने कैवल्य ज्ञान (आत्मज्ञान) प्राप्त किया?

  1. नीम
  2. Devdar
  3. टब
  4. Priyangu

39. अभिनवनाथ तीर्थंकर द्वारा प्राप्त कैवल्य ज्ञान (ज्ञान) का क्या अर्थ है?

  1. शास्त्र ज्ञान
  2. संगीत शिक्षा
  3. नर्त्य शिक्षा
  4. ब्रह्म विद्या

40. जैनियों के अनुसार, अभिनंदननाथ ने किस स्थान पर निर्वाण प्राप्त किया था?

  1. सम्मेद शिखर
  2. श्री केशरीयाजी तीर्थ
  3. पारसनाथ
  4. सारनाथ

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